राष्ट्रीय

Nomination Cancelled: मीनाक्षी नटराजन का परचा खारिज होने पर भड़की कांग्रेस, सिंघवी ने चुनाव आयोग को घेरा

Nomination Rejection:कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सियासी घमासान मच गया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।

2 min read
Jun 10, 2026
Meenakshi Natarajan Nomination and Abhishek manu Singhvi News
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन और वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु​ सिंघवी। (फोटो: Instagram k.c.venugopal/ X @DrAMSinghvi)

Nomination Rejection: राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव का माहौल उस समय अचानक बहुत गर्म हो गया, जब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के बाद रद्द कर दिया गया। यह फैसला आते ही कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। पार्टी ने इसे सत्ता पक्ष के दबाव में लिया गया फैसला करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि जानबूझ कर मामूली तकनीकी खामियों को बड़ा मुद्दा बनाकर उनके उम्मीदवार को रेस से बाहर करने की कोशिश की गई है।

चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंची कांग्रेस की लीगल टीम

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस के दिग्गज कानूनी सलाहकार और वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तुरंत चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सिंघवी ने आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस फैसले की समीक्षा करने और नामांकन को दोबारा बहाल करने की मांग की।

तकनीकी आधार पर विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश

सिंघवी ने कहा,'मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जिस तरह से रद्द किया गया है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक और मनमाना है। यह तकनीकी आधार पर विपक्ष की आवाज को दबाने की सोची-समझी साजिश है। चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता साबित करनी होगी, वरना जनता का इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से भरोसा उठ जाएगा। हम इस फैसले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेंगे।'

सिंघवी ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अभिषेक मनु सिंघवी बहुत आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी जिस संस्था पर है, उसकी कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन को छोटी-छोटी कमियों के आधार पर खारिज किया जा रहा है, जबकि सत्ताधारी दल की बड़ी गलतियों को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है।

अभिषेक मनु सिंघवी का एक्स पर दिया गया बयान

मैंने मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं से उनकी नामांकन सामग्री को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा इस तरह 'अद्भुत' और 'अजीबोगरीब' ढंग से खारिज किए जाने के विषय में बात की है। प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह से अवैध है, क्योंकि कानून की नजर में मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला अस्तित्व में ही नहीं है। ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं है जिसका खुलासा उन्हें (नामांकन पत्र में) करना चाहिए था।

मीनाक्षी नटराजन पर कोई ऐसा केस नहीं है जिसे छिपाया गया हो

सिंघवी ने नामांकन रद्द करने को कानूनी रूप से पूरी तरह गलत और 'अवैध' बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन पर कोई ऐसा केस नहीं है जिसे छिपाया गया हो। सिंघवी ने समझाया कि केवल 'निजी शिकायत' दर्ज होने से कोई व्यक्ति अपराधी या आरोपी नहीं हो जाता, जब तक कोर्ट उस पर एक्शन न ले। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को "हैरान करने वाला" और "मनमाना" करार दिया है।

कांग्रेस अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही

इधर कांग्रेस इस मामले को लेकर अब अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। लीगल टीम इस बात की समीक्षा कर रही है कि कैसे इस आदेश पर तुरंत स्टे (रोक) लिया जा सके, ताकि मीनाक्षी नटराजन चुनाव प्रक्रिया में वापस लौट सकें।