
Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एकबार फिर अमेरिका और ईरान आमने सामने आ गए हैं। दोनों ओर से भीषण बमबारी भी हुई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे कई जहाजों को निशाना भी बनाया है। अमेरिकी और ईरानी सैन्य झड़प में भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
फरवरी अंत में शुरू हुई अमेरिका ईरान जंग के बाद से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के इलाके में 13 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं। मंगलवार को एक और परिवार को बुरी खबर मिली, जब साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर सवार लापता भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई। यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी ईरान ने इस पर हमला कर दिया था। जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजनयिक को तलब किया था।
व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नौवहन महानिदेशालय ने शिपिंग कंपनियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि जब तक अगला आदेश ना आए, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर भारतीय नाविकों को तैनात न किया जाए। यह निर्देश जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती करने वाली एजेंसियों सभी को भेजा गया है। नौवहन महानिदेशालय की तरफ से कहा गया है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ चुके हैं। इसलिए यह सर्कुलर जारी किया गया है।
यही नहीं, नौवहन निदेशालय ने कहा कि जो जहाज फारस की खाड़ी या ओमान की खाड़ी में हैं। वह अत्यधिक सतर्कता बरतें। निदेशालय ने अपनी एडवाइजरी में लिखा कि जहाज के कप्तान को सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतनी होगी, समय समय पर जारी होने वाली नौवहन चेतावनियों और सुरक्षा सलाह पर नजर रखनी होगी, और आईएसपीएस कोड के तहत जहाज सुरक्षा योजना और कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करना होगा।
आज एकबार फिर ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष हुआ है। अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि देश के दक्षिण पश्चिमी शहर अहवाज में स्थित कैंसर अस्पताल के पास मिसाइल हमला हुआ है। यह घटना उस समय सामने आई जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इरान की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाते हुए दूसरी लहर के हमलों की घोषणा की। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।