
Monsoon Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून शुक्रवार को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। केरल में 4 जून को एंट्री के बाद 9 दिनों में मानसून 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार मानसून की बंगाल की खाड़ी की तरफ की पूर्वी शाखा आगे बढ़ रही है, लेकिन अरब सागर की तरफ की पश्चिमी शाखा की रफ्तार अभी धीमी है। कोंकण-गोवा में उमस भरा मौसम है। ऐसे में मानसून के मुंबई समेत अंदरूनी इलाकों (मराठवाड़ा-विदर्भ) तक पहुंचने में कुछ दिन और लग सकते हैं।
IMD के अनुसार शुक्रवार को मानसून की उत्तरी सीमा हरनोई, सोलापुर, हैदराबाद, पारादीप, बारीपाड़ा, पुरलिया, धनबाद, मुजफ्फरपुर आदि इलाकों से गुजर दिखाई दी है। अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक के बचे हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार-झारखंड के शेष भागों में मानसून के और आगे बढ़ने तथा पूर्वी उत्तरप्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 2 दिन भारी बारिश, आंधी और ओले पड़ने की संभावना है। 22 राज्यों (एमपी, राजस्थान, यूपी, बिहार, झारखंड आदि) में ऑरेंज अलर्ट जारी है। हवाओं की रफ्तार 50-80 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
अमेरिकी एजेंसी ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) ने अल नीनो की शुरुआत की पुष्टि कर दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, गर्म होते प्रशांत महासागर में अल नीनो बन गया है। अनुमान है कि यह 1997 में शुरू हुए उस रिकॉर्ड अल नीनो के बराबर या उससे भी ज्यादा शक्तिशाली होगा, जिसका असर मानसून पर पड़ सकता है। इस बात की 63% संभावना है कि अल नीनो इस साल के आखिर में इतना तेज हो जाएगा कि यह 1950 के बाद से दर्ज किए गए सबसे बड़े अल नीनो घटनाक्रमों में शामिल हो जाएगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के दौरान तमिलनाडु के 11 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा मौसमीय प्रणाली के प्रभाव से राज्य के साथ-साथ पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेशों में भी लगभग एक सप्ताह तक व्यापक बारिश जारी रह सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि मध्य बंगाल की खाड़ी से लेकर तटीय कर्नाटक तक फैला निम्न दबाव क्षेत्र फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। यह प्रणाली आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है, जिससे इसका प्रभाव और अधिक विस्तृत हो गया है।
इस मौसमीय गतिविधि के चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मौसम में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है। कई इलाकों में लगातार बारिश होने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।