
India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून के प्रभाव से बीते 24 घंटों में राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के साथ मौसम बदल गया है। वहीं राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और कुछ जगहों पर बारिश के बावजूद गर्मी के तेवर बरकरार है।
शनिवार सुबह राजधानी दिल्ली में बारिश हुई, जिससे कई फ्लाइट्स देरी से उड़ीं। इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों को सूचित किया कि खराब मौसम के कारण उड़ानों का समय प्रभावित हुआ है। यूपी में प्री-मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कानपुर, वाराणसी, अयोध्या, उन्नाव, हाथरस, फतेहपुर समेत 25 शहरों में जोरदार बारिश हुई।
वहीं राजस्थान के कुछ जिलों में बीते 24 घंटों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। चूरू के श्रीमकड़ीनाथ रेलवे स्टेशन का टिनशेड तेज हवा से उखड़कर ट्रैक पर गिर गया, जिससे कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। श्रीगंगानगर और चूरू में ओले भी गिरे। बारिश से तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहा। मध्य प्रदेश के श्योपुर में आंधी के दौरान घर की दीवार गिरने से एक परिवार के तीन सदस्यों की दुखद मौत हो गई।
भारतीय मौसम विभाग या आईएमडी के अनुसार नमी और पश्चिमी हवाओं की कमी के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी है। कुछ दिन से मानसून की खास प्रगति नहीं हो रही। शनिवार को पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश किया।
दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगापट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद, मुजफ्फरपुर के आस-पास ही अटकी हुई है। हवाएं अनुकूल रही तो अगले 2-3 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष भागों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को जानकारी दी कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, मानसून अब तक दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है, लेकिन इसके आगे बढ़ने की गति धीमी रह सकती है।
मीडिया से बातचीत में आईएमडी के वैज्ञानिक प्रदीप शर्मा ने बताया कि अल नीनो का प्रभाव सक्रिय हो चुका है और पूरे मानसून सीजन के दौरान इसके बने रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक इस वर्ष देश में लगभग 98 प्रतिशत औसत वर्षा यानी सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
वहीं, आईएमडी के एक अन्य वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।