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और कितनी जान लेंगे धर्मेंद्र प्रधान? NEET परीक्षार्थी की खुदकुशी पर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके का सवाल

NEET Controversy: सीकर में NEET की तैयारी कर रहे छात्र उमेश की आत्महत्या के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान से कहा कि और कितनी जाने लेंगे?

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Jun 16, 2026
Abhijit Dipke
फोटो में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (सोर्स: IANS)

Abhijit Dipke NEET Controversy : राजस्थान के सीकर से सामने आई छात्र सुसाइड केस ने एक बार फिर देश की परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की आत्महत्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र उमेश ने आत्महत्या कर ली। बता दें उमेश आगामी 21 जून को होने वाली नीट री-टेस्ट परीक्षा में शामिल होने वाला था और यह उसका तीसरा प्रयास था।

इसी बीच मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां और पेपर लीक कब ठीक होगा? आखिर और कितने छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी?

सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा- ‘धर्मेंद्र प्रधान, आप और कितनी जानें लेंगे?’

बता दें इससे पहले भी दीपके ने हफ्ते भर पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। अब उमेश की मौत ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीकर में ही एक महीने पहले छात्र ने की थी आत्महत्या

सीकर में नीट की तैयारी कर रहे छात्र उमेश की आत्महत्या का मामला पहला नहीं है। इससे एक महीने पहले मानसिक दबाव के चलते झुंझुनू के 23 वर्षीय प्रदीप माहिच ने आत्महत्या की थी। प्रदीप पिछले तीन साल से सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। परिवार के अनुसार वह पढ़ाई में अच्छा था और परीक्षा को लेकर उम्मीदें भी थीं, लेकिन मौत से कुछ दिन पहले वह काफी परेशान रहने लगा था।

बता दें प्रदीप की मौत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परिवार से बात की थी और बाद में दिल्ली में उनसे मुलाकात कर संवेदना भी व्यक्त की थी।

17 जून को कोटा में नीट की तैयारी करने वाले छात्रों से मिलेंगे राहुल गांधी

राहुल गांधी 17 जून को कोटा पहुंचने वाले हैं, जहां वह छात्रों के बीच समय बिताकर उनकी समस्याओं और अनुभवों को सुनेंगे। इस कार्यक्रम में कोई राजनीतिक भाषण नहीं होगा। राहुल गांधी सीधे छात्रों से बातचीत करेंगे और उनकी चिंताओं को समझने की कोशिश करेंगे।

इस कार्यक्रम में नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को बुलाया गया है। कांग्रेस इसे युवाओं से जुड़ने के बड़े अभियान की शुरुआत मान रही है। वहीं लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कोचिंग हब में छात्रों की मानसिक सेहत, सहायता व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।