NTA Exam Scam: सीबीआई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि NEET-UG 2026 का सिर्फ एक नहीं, बल्कि रिजर्व समेत दोनों प्रश्न पत्र लीक हुए थे। गेस पेपर में दोनों सेट के सवाल मिलने के बाद जांच तेज हो गई है और आरोपी मनीषा मंधारे को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया है।
NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई (CBI) की जांच में सामने आया है कि नीट का सिर्फ एक पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि दोनों सेट का पेपर लीक हुआ था। दूसरा सेट रिजर्व में रखा गया था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि दूसरे सेट के सवाल भी 'गेस पेपर' के सवालों से हूबहू मेल खाते हैं। दरअसल, हर साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट यूजी प्रश्न पत्र के दो सेट तैयार किए जाते हैं। इनमें से कौन-सा सेट परीक्षा में आएगा, इसकी जानकारी डायरेक्टर जनरल के अलावा किसी और को नहीं होती। एक सेट का पेपर होता है, जबकि दूसरा सेट रिजर्व में रखा जाता है ताकि अगर कहीं कोई गड़बड़ी या जरूरत पड़ने पर तुरंत दूसरे सेट का पेपर कराया जा सके। अब सामने आया है कि रिजर्व सेट का पेपर भी पहले ही आउट हो चुका था।
सीबीआई जांच के दौरान नीट का दूसरा सेट भी किया गया। दूसरे सेट के सवाल गेस पेपर से मिलाए गए, जिसमें से सभी सवाल मैच हो गए। जानकारी के अनुसार, जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया था और जो पेपर रिजर्व में रख गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल गेस पेपर में थे।
जांच में खुलासा हुआ है कि प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीष मांधरे ने मिलकर एक गेस पेपर बनाया था, जो कई राज्यों में लाखों में बिका। इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल ऐसे मिले हैं जो एनटीए के दोनों नीट सेट्स से मेल खाते हैं। दोनों में जो सेट पेपर में आया था उसमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल यानी आधे-आधे प्रश्न बैंक में हूबहू लिखे हैं।
नीट पेपर लीक के तीन प्रमुख चेहरों में पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे हैं। इनमें से पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पेपर लीक कराने का काम किया, जबकि मनीषा वाघमारे ने नीट के पेपर को स्टूडेंट तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। शनिवार को गिरफ्तार आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। माना जा रहा है कि 14 दिन की पूछताछ के दौरान सीबीआई को पेपर लीक कांड से जुड़ी अहम कड़िया मिल सकती हैं और पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है।