
NEET-UG retest increased exam time issue : नीट पेपर लीक होने के बाद देश भर में परीक्षार्थियों की समस्या गहरा गई है। ऐसे में तमिलनाडु के नेता के. अन्नामलाई ने मंगलवार को 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए किए गए व्यापक सुरक्षा इंतजामों पर चिंता जताते हुए कहा कि पेपर लीक को रोकने के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन प्रवेश से पहले जांच सख्त करने से छात्रों में तनाव और चिंता बढ़ सकती है। परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से परीक्षा का दबाव ही बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने लीक रोकने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन छात्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ देश की परीक्षा प्रणाली के उद्देश्य और परीक्षा संबंधी तनाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उल्लिखित लक्ष्यों को कमजोर कर सकता है। छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में समस्या आ रही है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने उम्मीदवारों को आश्वासन दिया है कि इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
के. अन्नामलाई ने X पर पोस्ट किया, ' हर छात्र अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और कड़ी निगरानी के माध्यम से पेपर लीक होने से रोकने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना है। लेकिन प्रवेश से पहले जांच में वृद्धि, तलाशी का समय बढ़ाना और परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ा कर 195 मिनट करना, उनके पहले से ही बढ़ते परीक्षा दबाव को और बढ़ाएगा ।'
अन्नामलाई ने कहा, 'सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए उपाय तो किए हैं, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए हैं जो उन्होंने परीक्षा देने से पहले युवा छात्रों पर डाल दिया है, जिसके लिए उन्होंने महीनों तैयारी की है, जिससे हमारी परीक्षा प्रणाली का पूरा उद्देश्य और 'परीक्षा तनाव' को कम करने का एनईपी 2020 का लक्ष्य ही धराशायी हो गया है।'
इससे पहले, त्रिपुरा प्रदेश युवा कांग्रेस ने सोमवार को अगरतला में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं और जनहित के अन्य मुद्दों सहित कई मुद्दों को उठाया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। राज्य स्तरीय और अन्य प्रमुख पार्टी नेताओं सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदर्शन के दौरान उपस्थित थे। ( इनपुट : ANI)