
राहुल गांधी के साथ स्टेज पर छात्र (फोटो- वीडियो ग्रैब - Rahul Gandhi X)
Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में KP ग्राउंड पर हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में, बिहार में विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा मंच से उठाया गया। पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (PUSU) की निर्दलीय चुनी गई महिला उपाध्यक्ष शफक फैज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में बिहार पुलिस और राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।
शफक फैज ने बताया कि जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के समर्थन में पटना में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, तो बिहार पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया। इसके बाद, छात्रों को बिना किसी वारंट या उनके परिवारों को सूचना दिए उनके घरों, हॉस्टलों और लाइब्रेरी से रात में उठा लिया गया और अज्ञात जगहों पर हिरासत में रखा गया।
PUSU की वाइस प्रेसिडेंट शफक फैज ने कहा कि बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब यूनिवर्सिटी कैंपस में पेपर लीक और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, तो उनके पहुंचने से पहले ही वहां पुलिस, CRPF के जवान और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। यूनिवर्सिटी की चुनी हुई वाइस प्रेसिडेंट होने के बावजूद उन्हें मेन गेट से अंदर नहीं जाने दिया गया।
शफक नाज ने कहा कि उनके साथ आए छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कई छात्रों के सिर पर चोटें आईं, फिर भी पुलिस ने उन्हें बिना किसी मेडिकल इलाज के 10 से 12 घंटे तक स्टेशन में ही रोके रखा। उन्होंने आगे बताया कि अगले ही दिन, पुलिस ने पूरे राज्य में लाइब्रेरी और हॉस्टल से छात्रों को उठाना शुरू कर दिया। इसमें ऐसे छात्र भी थें, जो किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। परिवारों को यह भी नहीं बताया गया कि उनके बच्चों को किस पुलिस स्टेशन में रखा गया है।
बिहार में महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के मौकों की जमीनी हकीकत पर बात करते हुए शफक फैज ने कहा कि जब बिहार की कोई लड़की अपनी पढ़ाई के लिए आगे बढ़ती है, तो उसकी पहली लड़ाई अपने ही परिवार से होती है। घर से बाहर निकलने और पढ़ाई पूरी करने के बाद भी, सरकार नौकरी की वैकेंसी नहीं निकालती। वैकेंसी की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बाद जब घोषणा होती है, तो बाद में परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। जो कोई भी इन लीक्स के खिलाफ विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरता है, उसे पुलिस की लाठीचार्ज और रात भर हिरासत में रखे जाने का सामना करना पड़ता है।
शफक फैज की बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि देश के युवाओं को दबाने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ एक छात्र की आवाज नहीं है। यह बिहार, उत्तर प्रदेश और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूरे छात्र समुदाय की आवाज है। अंधेरे में मशाल जलाकर आपने देश के छात्रों को रास्ता दिखाया है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम कभी भी नफरत या हिंसा का रास्ता नहीं चुनेंगे। भारत की संस्कृति सच्चाई और अहिंसा पर आधारित है। किसी भी छात्र के मन में नफरत नहीं होनी चाहिए। देश और समाज के लिए केवल प्यार होना चाहिए। राहुल गांधी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष संसद से लेकर सड़कों तक पेपर लीक, भर्ती में गड़बड़ी और छात्रों के खिलाफ प्रशासनिक दमन के खिलाफ ज़ोरदार लड़ाई जारी रखेगा।
Updated on:
08 Aug 2026 09:46 pm
Published on:
08 Aug 2026 09:29 pm
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