राष्ट्रीय

पहलगाम में पर्यटकों पर हमले के लिए हफ्ते भर से चल रही थी प्लानिंग, आतंकियों ने किया ट्रेकिंग ऐप का इस्तेमाल

NIA investigation on Pahalgam Attack: NIA ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि पहलगाम हमले के आतंकियों ने हमले को लेकर हफ्तेभर पहले प्लानिंग की थी। इन आतंकियों को जुलाई 2025 में ऑपरेशन महादेव के दौरान ढेर कर दिया गया था।
2 min read
• •
Updated: 25 Jun 2026, 10:07 AM IST
NIA Kerala Explosives Case
मलप्पुरम में मंडरा रहा था बड़ा खतरा? 89,600 विस्फोटक स्टिक के बाद NIA ने पकड़ा मास्टरमाइंड! (फोटो सोर्स: ANI)

Pahalgam Attack: कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में साल 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर NIA की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। NIA ने पहलगाम हमले के बाद मारे गए आतंकियों (फैसल जट्ट उर्फ ​​सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ ​​जिब्रान और हम्जा अफगानी) का डिजिटल रिकॉर्ड खंगाला। NIA की जांच में पता चला कि तीनों आतंकियों ने हमले की योजना घटना से हफ्ते भर पहले 15 अप्रैल के आसपास बनाई थी। 22 अप्रैल 2025 को नृशंस आतंकी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनीवाला (घोड़े वाला) मारा गया था।

28 जुलाई 2025 को मारे गए थे पहलगाम के आतंकी

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 जुलाई 2025 को श्रीनगर इलाके में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए एक आतंकी के फोन से NIA को दो स्क्रीनशॉट मिले। जिन पर 15 व 16 अप्रैल की तारीख व समय दर्ज था। इन स्क्रीनशॉट में बैसरन घाटी का मैप था। NIA ने कहा कि स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि पहलगाम हमले की साजिश हफ्ते भर पहले बुन ली गई थी। जांच एजेंसी ने कहा कि आतंकियों ने जिस जीपीएस आधारित मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया। वह आमतौर पर हाइकिंग और पहाड़ों पर जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन आतंकियों ने इसका इस्तेमाल कोऑर्डिनेट्स शेयर करने और ट्रैक करने के लिए किया।

स्थानीय निवासी निसार ने दी थी छुपने की जगह

NIA के मुताबिक हमले से एक दिन पहले स्थानीय निवासी परवेज अहमद और उसके चाचा बशीर अहमद ने तीनों आतंकियों को अपने ढोक (मिट्टी की झोपड़ी) में शरण दी। साथ ही, उनके खाने का बंदोबस्त भी किया। जांच एजेंसी ने कहा कि दो मोबाइल फोन से निकाले गए डेटा विश्लेषण से कई परतें खुली। आतंकियों की तस्वीरें, आतंकी हेंडलर अली साजिद के साथ के चैट के स्क्रीनशॉट्स मिले। जिनमें बैसरन घाटी के कॉओर्डिनेट्स थे। NIA ने हैंडलर साजिद को लश्कर ए तयैबा के प्रॉक्सी संगठन TRF का कमांडर बताया है।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आया था सामान

NIA को एक सरकारी गवाह ने बताया कि आतंकी ऊर्दू और पंजाबी में बात कर रहे थे। वह किसी लोकेशन का भी जिक्र कर रहे थे। जहां सीमा पार से ड्रोन के जरिए असलहा व 15 लाख रुपए गिराए गए थे। NIA की चार्जशीट के मुताबिक आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए गए फोन पाकिस्तान में बेचे गए थे। साथ ही, आतंकी अपने OGW(ओवर ग्राउंड वर्कर) के साथ बातचीत के लिए भी किसी खास ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।

एजेंसी ने कोर्ट को अपनी चार्जशीट में यह भी बताया कि बैसरन की दूर-दराज जगह और वहां CCTV कवरेज न होने की वजह से वह आतंकवादियों के लिए एक आसान टारगेट बन गया था। NIA ने जांच के दौरान 1,100 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की। दिसंबर 2025 में जम्मू की स्पेशल NIA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।

Updated on:
25 Jun 2026, 10:07 AM IST
Published on: