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कश्मीर में आतंकी साजिश नाकाम, 3 ठिकानों पर NIA की ताबड़तोड़ छापेमारी से मची खलबली!

Terror Funding J&K : जम्मू-कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए NIA ने 3 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इनमें श्रीनगर का एक स्कूल भी शामिल है।
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May 25, 2026
NIA conducts searches at J&K in terror conspiracy
एनआईए की कश्मीर घाटी में 3 जगह छापे मारे। ( फोटो: ANI )

Jammu Kashmir Terror : राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर में आतंक की जड़ों को खत्म करने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। कश्मीर में आतंकी मामलों पर लगाम लगाने के मकसद से सोमवार को एनआईए की टीमों ने घाटी में एक साथ तीन बड़े ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। एक बड़ी आतंकी साजिश से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गई, जिसका मकसद घाटी की शांति और सुरक्षा को भंग करना था।


श्रीनगर के स्कूल में क्यों पड़ा छापा?

जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, जिन स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, उनमें श्रीनगर के लाल बाजार इलाके में स्थित 'जमीयत उल बनात' नाम का एक स्कूल भी शामिल है। खुफिया एजेंसियों को पुख्ता इनपुट मिले थे कि इस तरह के संस्थानों की आड़ में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी गतिविधियों में धकेलने का घिनौना खेल चल रहा है। सुरक्षाबलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इन परिसरों को घेरकर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।

आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ने की तैयारी

घाटी में सक्रिय कुछ स्लीपर सेल और ओवरग्राउंड वर्कर रसद जुटाने और युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे। एनआईए को लंबे समय से ऐसे गुप्त नेटवर्क की तलाश थी। सोमवार तड़के शुरू किए गए इस बड़े ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य इन आतंकी मॉड्यूल्स को पूरी तरह से नष्ट करना है। छापे के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्रियां और संदिग्ध दस्तावेज मिलने की आशंका है, जो सीधे तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा

हालांकि, एनआईए ने अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन, जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि तलाशी के दौरान जो भी डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और सबूत इकट्ठे किए गए हैं, उनका बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। आने वाले दिनों में सुबूतों के आधार पर कुछ बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इन संदिग्धों के तार जम्मू-कश्मीर के बाहर बैठे किन बड़े आतंकी आकाओं से जुड़े हुए हैं। एनआईए का यह सख्त कदम इस बात का साफ संदेश है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

युवाओं के कट्टरपंथ को रोकने के लिए ऐसे ठिकानों पर प्रहार बेहद जरूरी

सुरक्षा विशेषज्ञों और रक्षा जानकारों ने एनआईए की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका मानना है कि युवाओं के कट्टरपंथ को रोकने के लिए ऐसे ठिकानों पर प्रहार करना बेहद जरूरी है, जहां से 'ब्रेनवॉश' का खेल शुरू होता है। अब पूरी नजर इस बात पर टिकी है कि लाल बाजार के स्कूल से एनआईए को कौन से अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और क्या कोई विदेशी फंडिंग का लिंक सामने आता है।

आतंकी संगठन अपने स्लीपर सेल तैयार कर रहे

बहरहाल, इस खबर का एक बड़ा पहलू यह है कि आतंकी संगठन अब सीधे हमलों के बजाय 'शैक्षणिक संस्थानों' और 'धर्मार्थ संस्थाओं' की आड़ में अपने स्लीपर सेल तैयार कर रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती है। ( इनपुट: ANI)




Updated on:
25 May 2026 10:56 am
Published on:
25 May 2026 10:56 am
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