
Telangana BJP: तेलंगाना में साल 2028 में विधानसभा चुनाव होना है। भारतीय जनता पार्टी दो साल पहले से ही तेलंगाना चुनाव को लेकर खास प्लान तैयार करने में जुट गई है। बीजेपी पश्चिम बंगाल का किला फतह करने के बाद अब तेलंगाना पर नजरें गराए हुए है। अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी राज्य में संगठन को विस्तार देने की योजना में जुटी हुई है।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश के कार्यकर्ताओं से राज्य में होने वाले निकाय चुनावों की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए हैं। नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से कहा कि राजनीति सत्ता पाने के बजाए सेवा भावना से प्रेरित होनी चाहिए। तेलंगाना में बीजेपी के नौ जिला कार्यालयों के उद्घाटन के मौके पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि ये संकल्प केंद्र और सेवा केंद्र बीजेपी के मूल मंत्र "राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद और स्वयं सबसे अंत में" के तहत काम करेंगे।
उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल बीआरएस पर निशाना साधा। नितिन नवीन ने कहा कि ये दोनों ही पार्टियां अवसरवादी राजनीति करती हैं और शासन को सत्ता का आनंद लेने का जरिया मानती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक पहुंचने की अपील की। नितिन नवीन ने कहा कि जब 1984 में पार्टी के पास केवल दो सांसद थे, तो उनमें से एक तेलंगाना से चुना गया था। नितिन नवीन ने कहा कि तेलंगाना बनाने का मकसद पूरी तरह से हासिल नहीं किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने दक्षिण में भगवा खिलाने की जिम्मेदारी भी सुनील बंसल को दी है। अपने रणनीतिक कौशल के जरिए सुनील बंसल ने पार्टी को यूपी, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जीत दिलाई है। अब उनकी नजर साल 2028 में होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव पर है।
साल 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना बनने के बाद केसीआर लगातार दो बार (2014 और 2018) सत्ता पर काबिज रहे, लेकिन हैट्रिक लगाने से चूक गए। कांग्रेस ने साल 2023 में हुए चुनाव में 64 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि BRS महज 39 सीटों पर सिमट गई। दिलचस्प बात यह रही कि 2023 के चुनाव में भाजपा ने 13.9% वोट शेयर के साथ 8 सीटें हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
सत्ता से जाने के बाद BRS में भारी उथल-पुथल है। BRS प्रमुख व पूर्व सीएम KCR ने अपनी बेटी के. कविता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। के. कविता ने अपने भाई व पूर्व मंत्री KTR और पिता KCR के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राज्य में नई पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना (TRS) बनाई है। भाजपा को उम्मीद है BRS में यह फूट उसके लिए फायदेमंद हो सकती है और वोटरों का बड़ा हिस्सा आगामी चुनाव में उसकी ओर मुड़ सकता है। जो सत्ता का दरवाजा खोल सकता है।