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Weather: उत्तर भारत में ‘व्हाइट इमरजेंसी’, 444 पहुंचा प्रदूषण का मीटर, अब हवाई सफर के लिए ‘FogCare’ का सहारा

Pollution: उत्तर भारत में ठंड और कोहरे ने मचाया तांडव, दिल्ली में AQI 444 के पार। जानिए एयर इंडिया की नई फॉग केयर नीति और मौसम का हाल।

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Jan 18, 2026

Visibility: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कुदरत का दोहरा प्रहार जारी है। एक तरफ पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं से कंपकंपी बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर घने कोहरे की चादर से सड़कों से लेकर आसमान तक सब कुछ धुंधला (Delhi Weather Update0 हो गया है। दिल्ली-एनसीआर में हालात इतने खराब हैं कि सूरज की रोशनी भी जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे 'डे कोल्ड' (Day Cold) जैसी स्थिति बन गई है। कोहरे की सबसे ज्यादा मार दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पड़ी है। विजिबिलिटी शून्य (Zero Visibility Delhi) होने के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसी बीच एयर इंडिया ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए फॅाग केयर सेवा (Air India FogCare) शुरू की है। इसके तहत अगर आपकी फ्लाइट कोहरे की वजह से लेट या कैंसिल होती है, तो आप बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं या रिफंड का विकल्प चुन सकते हैं। यह कदम सर्दियों में सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो रहा है।

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गैस चैम्बर बनी दिल्ली, सांसों पर संकट

केवल कोहरा ही परेशानी की वजह नहीं है; इसके साथ मिला जहरीला धुआं अब 'स्मॉग' बन चुका है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 444 के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो जब तक तेज हवाएं नहीं चलतीं, तब तक प्रदूषण के इन बारीक कणों से निजात मिलना मुश्किल है। डॉक्टरों का कहना है कि यह हवा किसी स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी 20 सिगरेट पीने जितनी खतरनाक है। लोग आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी नहीं मिलेगी राहत

आईएमडी ने आने वाले 2 से 3 दिनों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 'भीषण कोहरा' छाया हुआ रहने की आशंका है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे कोहरा और घना हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हाईवे पर चलते समय गाड़ियों की फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और रफ्तार बेहद कम रखें।

जनता और प्रशासन का क्या है कहना ?

यात्रियों का गुस्सा: रेलवे स्टेशनों पर फंसे यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें 12-12 घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को प्लेटफॉर्म पर रात गुजारनी पड़ रही है।

पर्यावरणविद: विशेषज्ञों का कहना है कि केवल निर्माण कार्यों पर रोक लगाना काफी नहीं है, हमें प्रदूषण के स्थाई समाधान की ओर देखना होगा, वरना हर साल उत्तर भारत इसी तरह 'गैस चेंबर' बनता रहेगा।

अब आगे क्या होने वाला है ?

अगले 24 घंटों में यदि प्रदूषण का स्तर कम नहीं होता है, तो दिल्ली सरकार 'ऑड-इवन' जैसे कड़े नियम लागू कर सकती है। स्कूलों को पूरी तरह से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। वहीं, एयरलाइंस कंपनियां अन्य शहरों में भी 'फॉग केयर' जैसी सुविधाएं बढ़ाने पर विचार कर रही हैं ताकि एयरपोर्ट पर भीड़ को कम किया जा सके।

कोहरे की ओट में सड़क हादसों का डर

इस मौसम का एक डरावना पहलू सड़क दुर्घटनाएं हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे और वेस्टर्न पेरिफेरल जैसे रास्तों पर 'मल्टीपल व्हीकल कोलिजन' (एक साथ कई गाड़ियों का टकराना) की खबरें आ रही हैं। कोहरे की वजह से ड्राइवरों को सामने खड़ी गाड़ी दिखाई नहीं देती, जो जानलेवा साबित हो रही है। परिवहन विभाग ने रात के समय भारी वाहनों के चलने पर कुछ पाबंदियां लगाने का सुझाव दिया है।

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