
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 साल 2018 में इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) की पहली मीटिंग में हिस्सा लिया था। इस मीटिंग में पीएम मोदी ने एक आइडिआ की पहल करते हुए इसकी घोषणा की थी। अब उस आइडिआ के तहत चलने वाले प्रोजेक्ट का जल्द ही शुभारंभ होगा। इस प्रोजेक्ट का नाम 'वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड' (One Sun One World One Grid) है। यह प्रोजेक्ट सोलर एनर्जी का ग्लोबली इस्तेमाल करने के क्षेत्र में एक बड़ा प्रोजेक्ट साबित होगा।
पीएम मोदी करेंगे यूनाइटेड किंगडम के पीएम के साथ इस पप्रोजेक्ट का शुभारंभ
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी यूनाइटेड किंगडम के पीएम बॉरिस जॉनसन के साथ मिलकर 'ग्रीन ग्रिड्स इनिशिएटिव वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड' (GGI-OSOWOG) लॉन्च करेंगे। इस सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग नवंबर के पहले हफ्ते में ग्लासगो में होने वाली संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन कॉन्फ्रेंस के 26वें सत्र में होगी।
क्या है 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' प्रोजेक्ट?
पीएम मोदी के इस आईडिया का आधार है कि 'सूरज कभी अस्त नहीं होता।' दुनिया के सभी देशों में धरती के अपनी धुरी पर घूमने से अलग-अलग समय होता है। ऐसे में 24 घंटे सूरज ऊगा रहता है और धरती के घूमने के हिसाब से दुनिया के किसी न किसी देश में रौशनी देता है। पीएम मोदी के अनुसार सूरज की इस रौशनी का इस्तेमाल विभिन्न इलाकों में बड़े लेवल पर सोलर एनर्जी के द्वारा बिजली पैदा करने में हो सकता है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के अनुसार 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' प्रोजेक्ट से एक ऐसा ग्रिड बनाया जाएगा जो क्षेत्रीय सीमाओं से हटकर ग्लोबली काम करेगा। इस ग्रिड से दुनियाभर से इकट्ठी की गई सोलर एनर्जी को अलग-अलग जगह के सेंटर्स तक पहुंचाया जाएगा जिससे बिजली का उत्पादन उस सोलर एनर्जी के द्वारा होगा। न्यू एंड रीन्यूएबल एनर्जी मिनिस्ट्री के द्वारा बनाए गए ड्राफ्ट के अनुसार 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' प्रोजेक्ट के ज़रिए 140 देशों को एक कॉमन ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व भारत सरकार, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और वर्ल्ड बैंक द्वारा किया जा रहा है।