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पासपोर्ट भी नहीं है नागरिकता का सबूत, फिर भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा डॉक्यूमेंट मान्य?

Passport News: विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का दस्तावेज नहीं। ऐसे में सवाल है कि आधार, वोटर आईडी और पैन के बाद भारतीय नागरिकता आखिर किससे साबित होती है।
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Jun 25, 2026
passport not citizenship proof
पासपोर्ट नहीं है नागरिकता का सबूत(एआई फोटो- चैट जीपीटी)

MEA Passport Statement: आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता, यह बात पहले से साफ है। अब विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है। मंत्रालय के अनुसार पासपोर्ट मूल रूप से एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का दस्तावेज नहीं। इसके बाद यह सवाल फिर तेज हो गया है कि अगर आधार, पैन, वोटर आईडी और अब पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होती है?

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट पर क्या कहा?


हर साल 24 जून को भारत में पासपोर्ट सेवा दिवस मनाया जाता है। पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया अब काफी तेज हुई है। पुलिस वेरिफिकेशन को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में औसतन छह वर्किंग-डे लगते हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आवेदकों का औसत समय 45 मिनट से कम बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, 2025 में 1.5 करोड़ से ज्यादा पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं दी गईं, जिनमें 1.39 करोड़ केवल पासपोर्ट थे। देशभर में अब 545 पासपोर्ट केंद्र हैं, जबकि 10 साल पहले इनकी संख्या 77 थी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले साल 10 नए पीओपीएसके खोले गए थे और इस साल भी 10 नए केंद्र खोले जाएंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट का मकसद अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश में भारतीय की पहचान स्थापित करना है। इसी वजह से मंत्रालय ने साफ किया कि इसे नागरिकता का दस्तावेज नहीं माना जाना चाहिए।

आधार, पैन, वोटर आईडी भी क्यों नहीं माने जाते नागरिकता का प्रमाण?


आधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यह पहचान का डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का नहीं। वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड या अन्य सामान्य पहचान डॉक्यूमेंट भी अपने-अपने प्रशासनिक या सेवा संबंधी कामों के लिए होते हैं, लेकिन ये अपने आप में भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माने जाते। हाल के वर्षों में अदालतों और सरकारी पक्ष की दलीलों में यही बात बार-बार सामने आई है कि नागरिकता का सवाल सिर्फ किसी एक पहचान पत्र से तय नहीं होता।

फिर भारत में नागरिकता साबित कैसे होती है?


भारत में आम भारतीय नागरिकों को अलग से कोई 'सिटिजनशिप सर्टिफिकेट' जारी नहीं किया जाता। यानी जन्म से भारतीय नागरिक लोगों के पास ऐसा कोई एक सरकारी डॉक्यूमेंट नहीं होता, जिसे 'नागरिकता प्रमाण पत्र' कहा जाए। नागरिकता का सवाल भारतीय नागरिकता कानून, खासकर नागरिकता अधिनियम 1955, के प्रावधानों के आधार पर तय होता है।

जन्म प्रमाणपत्र क्यों बन जाता है सबसे अहम डॉक्यूमेंट?


व्यवहारिक तौर पर भारत में जन्मे व्यक्ति के लिए जन्म प्रमाणपत्र सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है, क्योंकि इससे यह साबित किया जा सकता है कि उसका जन्म भारत में हुआ। जन्म प्रमाणपत्र आमतौर पर ग्राम पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम जैसी स्थानीय संस्थाओं की ओर से जारी किया जाता है। मूलतः ऐसा माना जाता है कि चुकी जन्म भारत में हुआ है तो वे भारत के नागरिक हो गए।

Updated on:
25 Jun 2026 01:06 am
Published on:
25 Jun 2026 12:56 am
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