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PM मोदी ने हिमाचल के आपदा प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया, 1,500 करोड़ की आर्थिक मदद का ऐलान

PM Modi Visit to Himachal Pradesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य का दौरा किया।
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Sep 09, 2025
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo: IANS)

PM Modi Visit to Himachal Pradesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश का दौरा कर भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। कांगड़ा जिले में पहुंचे पीएम ने राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत-पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रभावितों के लिए 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता समेत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पीएम ने कहा, केंद्र सरकार प्रभावितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह दौरा मानसून की तबाही से जूझ रहे हिमाचल के लिए राहत का संदेश लेकर आया, जहां जून से अब तक 95 फ्लैश फ्लड, 45 बादल फटने और 132 भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

हवाई सर्वेक्षण और आधिकारिक बैठक

पीएम मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे पठानकोट एयरबेस होते हुए कांगड़ा पहुंचे। यहां से उन्होंने हेलीकॉप्टर से मंडी, शिमला, कुल्लू और चंबा जैसे प्रभावित जिलों का हवाई दौरा किया। सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने नुकसान का जमीनी आकलन किया, जहां सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध हैं और बुनियादी ढांचे को करोड़ों का नुकसान हुआ है। इसके बाद धर्मशाला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पीएम ने राहत कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र टीम के सदस्य भी मौजूद थे। पीएम ने इन टीमों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि केंद्र राज्य के साथ हर कदम पर सहयोग करेगा। हिमाचल में मानसून से अब तक 95 मौतें हो चुकी हैं, जबकि नुकसान का अनुमान 4,079 करोड़ रुपये से अधिक है।

1500 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा

बैठक में पीएम ने हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा की। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के लिए अग्रिम धनराशि जारी करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दूसरी किस्त भी तुरंत दी जाएगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) के तहत मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत मंजूरी तेज की जाएगी, जिसमें जियो-टैगिंग के माध्यम से नुकसान का सटीक आकलन होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के जीर्णोद्धार और पशुधन के लिए मिनी किट वितरण का भी प्रावधान किया गया है।

कृषि, शिक्षा और जल प्रबंधन पर फोकस

पीएमओ के अनुसार, कृषि समुदाय को विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिना बिजली कनेक्शन वाले किसानों के लिए तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उनकी आजीविका बहाल हो सके। हिमाचल में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, और यह कदम लाखों किसानों को राहत देगा। शिक्षा के क्षेत्र में 500 से अधिक स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। पीएम ने स्कूलों की जियो-टैगिंग और नुकसान रिपोर्टिंग की सुविधा देने के निर्देश दिए, जिससे शिक्षा अभियान के तहत मरम्मत कार्य तेज होगा। भविष्य के लिए जल प्रबंधन पर जोर देते हुए, वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। ये संरचनाएं भूजल स्तर बढ़ाने और जल संकट से निपटने में मदद करेंगी।

केंद्र का आश्वासन और आगे की योजना

पीएम ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के ज्ञापन और केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की समीक्षा करेगी। आपदा प्रबंधन नियमों के तहत सभी प्रकार की सहायता दी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीएम के दौरे का स्वागत किया और कहा कि राज्य को वर्षों लगेंगे ठीक होने में, लेकिन केंद्र का सहयोग महत्वपूर्ण है।

Updated on:
09 Sept 2025 05:06 pm
Published on:
09 Sept 2025 04:20 pm