
Facebook Content Moderation: कम्युनिकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को हुई समिति की बैठक में कई सदस्यों ने मेटा (Meta) के अधिकारियों से इस संबंध में सवाल पूछे।
सूत्रों के मुताबिक, मेटा के अधिकारियों ने माफी मांगते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का वीडियो तकनीकी गलती के कारण कुछ समय के लिए हट गया था। हालांकि समिति के कई सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि मामला केवल माफी का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है।
सूत्रों के अनुसार, समिति के कुछ सदस्यों ने वीडियो हटाने के लिए जिम्मेदार मेटा अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।सदस्यों ने मेटा से यह भी पूछा कि कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद विवादित और आपत्तिजनक सामग्री पर नियंत्रण के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं।
मेटा ने 28 जुलाई को कहा था कि परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े प्रधानमंत्री मोदी के फेसबुक वीडियो को तकनीकी खराबी के कारण हटाया गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, "कंटेंट गलती से हट गया था और बाद में उसे बहाल कर दिया गया।" मेटा के स्वामित्व वाले फेसबुक ने 28 जुलाई की सुबह कुछ समय के लिए वीडियो की पहुंच रोक दी थी, जिसे बाद में फिर से उपलब्ध करा दिया गया।
23 जुलाई को जारी इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के दौरान पहली बार सीधे जनरेशन Z (Gen Z) को संबोधित किया था।
वीडियो में प्रधानमंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि सरकार परीक्षा पेपर लीक के मामलों में और सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा था कि इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष कड़े कानूनी प्रावधान लाए जाएंगे।
बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को मंजूरी दी। इसके बाद यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से भी पारित हो गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी प्रधानमंत्री का वीडियो हटाए जाने के मामले में मेटा को तलब किया है। मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि कंपनी की ओर से दिया गया "तकनीकी खराबी" का स्पष्टीकरण पूरी तरह संतोषजनक नहीं है।
कम्युनिकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में 'सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा उनका विनियमन' विषय पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने की।
बैठक के एजेंडे के अनुसार, Snapchat, Google, X (पूर्व में Twitter), Meta (Facebook, WhatsApp और Instagram) तथा YouTube के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने-अपने प्लेटफॉर्म से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।