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पीएम नरेंद्र मोदी के ‘साथ आ जाओ’ वाले बयान पर रेवंत रेड्डी की सफाई, बोले- ‘इसे राजनीति से न जोड़ें’

Telangana CM vs PM Modi Hyderabad: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी के 'साथ आ जाओ' वाले बयान पर सफाई दी है। उन्होंने BJP पर जमकर निशाना भी साधा है।

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May 11, 2026
Revanth Reddy on PM Modi Remark (AI Image)

Revanth Reddy on PM Modi Remark: हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मजाक में कही गई 'साथ आ जाओ' वाली टिप्पणी को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि इस बयान में कोई राजनीति नहीं थी बल्कि यह राज्य और देश के विकास के संदर्भ में कहा गया था।

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रेवंत रेड्डी ने दी सफाई

रेवंत रेड्डी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि पीएम मोदी का यह आग्रह राजनीतिक नहीं था, बल्कि विकास के काम में सहयोग का संकेत था। उन्होंने कहा, ''यह कोई राजनीतिक निमंत्रण नहीं था। हम दोनों देश और तेलंगाना के विकास के बारे में बात कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने मुझे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के तौर पर विकास कार्यों में शामिल होने के लिए कहा। किसी और तरह की व्याख्या की जरूरत नहीं है।''

रेड्डी ने यह भी कहा कि उनकी बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और गुजरात के विकास मॉडल का हवाला था। उनका कहना था कि जैसे मनमोहन सिंह ने गुजरात के विकास में मोदी का समर्थन किया उसी प्रकार तेलंगाना के विकास के लिए सहयोग की उम्मीद की जा रही थी।

कार्यक्रम और मोदी का बयान

यह बयान रविवार को हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आया, जिसमें दोनों नेता मौजूद थे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा था, ''जो कुछ भी केंद्र की सरकार ने 10 साल में गुजरात को दिया, मैं वह तेलंगाना को भी देने के लिए तैयार हूं। लेकिन अगर आप मुझे ज्वाइन नहीं करते तो राज्य आधा ही पा सकेगा और अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाएगा। इसलिए बेहतर है कि आप मेरे साथ जुड़ें।''

मोदी का यह बयान रेड्डी द्वारा की गई वित्तीय सहायता की मांग के संदर्भ में था जिसमें उन्होंने केंद्र से तेलंगाना को गुजरात की तरह समर्थन देने की बात की थी।

केंद्र की नीतियों पर रेवंत रेड्डी की प्रतिक्रिया

साफ-साफ कहा गया कि यह बातचीत सिर्फ विकास के मुद्दों तक सीमित थी, राजनीति नहीं। इसके अलावा, रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी की पार्टी रैली में कांग्रेस पर विवादित टिप्पणी पर भी अपनी आपत्ति जताई। मोदी ने कांग्रेस को एमएमसी (मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस) कहकर आलोचना की थी।

रेड्डी ने कहा, ''माओवादी और मुसलमान हमारे देश के नागरिक हैं। किसी की विचारधारा अलग होने के कारण उनकी जान लेना विकास या सुधार नहीं है। कांग्रेस हर जीवन को बचाने में विश्वास करती है। हम माओवादी को मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहे हैं। गोली और हिंसा कोई समाधान नहीं है।''

रेवंत रेड्डी ने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ की तरह काम कर रही है। उनका आरोप था कि बीजेपी जाति, धर्म और समुदाय के आधार पर ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति करती है।

केंद्र की नीतियों और युद्ध के असर पर रेड्डी का दावा

रेवंत रेड्डी ने कहा कि पड़ोसी देशों में जारी युद्ध के कारण मोदी सरकार द्वारा लगाई जा रही किफायत और कठोर आर्थिक उपाय असफलता का संकेत हैं। उन्होंने केंद्र से कहा कि विशेषज्ञों की बैठक बुलाकर युद्ध के प्रभाव और उपायों पर चर्चा करनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

रेड्डी ने जोर दिया, ''PM मोदी को यह समझना चाहिए कि इस युद्ध के प्रभाव को कम करने के लिए बीजेपी के पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है। हमारे पास अनुभव और विशेषज्ञ हैं, जिन्हें शामिल करना चाहिए।''

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