
PM Modi Press Conference: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते हैं, इसको लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने जवाब दिया है। न्यूजीलैंड दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में MEA सचिव रुद्रेंद्र टंडन से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक सफल राजनेता हैं और वे जनता से सीधे संपर्क करने में विश्वास रखते हैं। टंडन ने बताया कि भारतीय लोग नेताओं से सीधा संवाद पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सीधे जुड़ने की शैली में महारत हासिल कर ली है।
रुद्रेंद्र टंडन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक आदर्श भारतीय राजनेता बताते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में नेता आमतौर पर अपने मतदाताओं से सीधे संपर्क रखना पसंद करते हैं। टंडन ने कहा कि आपको यह याद रखना चाहिए कि भारत के ज्यादातर वोटर ग्रामीण इलाकों से आते हैं। और वे नेताओं से सीधा संवाद चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोग किसी माध्यम के जरिए बात सुनने के बजाय सीधे नेताओं से जुड़ना पसंद करते हैं।
इससे पहले मई में प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान भी एक पत्रकार ने इसी तरह का सवाल पूछा था। उस समय पत्रकार ने पूछा था कि प्रधानमंत्री मोदी मीडिया के सवाल क्यों नहीं लेते और प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत और नॉर्वे की रैंकिंग का भी जिक्र किया था। तब विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने कहा था, 'हम अक्सर लोगों को यह पूछते हुए सुनते हैं कि ऐसा क्यों, वैसा क्यों, लेकिन मैं आपको एक बात बताता हूं। हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा हैं, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं।'
MEA सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सीधे जुड़ने की शैली में महारत हासिल कर ली है। और वे इसमें काफी अच्छा काम करते दिख रहे हैं, टंडन ने प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल और लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार चुने गए हैं और वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में से एक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के उद्देश्य पर बात करते हुए रुद्रेंद्र टंडन ने कहा कि भारत का लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग में नियम आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था को मजबूत करना एक अहम मुद्दा रहा।