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2 दिन के लिए नॉर्वे जाएंगे PM नरेंद्र मोदी, देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद यह दौरा अहम क्यों?

PM Modi Nordic-India Summit: 1983 के बाद पहली बार नॉर्वे जाएंगे भारतीय प्रधानमंत्री। पीएम नरेंद्र मोदी की इस यात्रा में 5 नॉर्डिक देशों के साथ बैठक होगी। जानिए ओस्लो दौरे से भारत को क्या हासिल होगा?
2 min read
May 11, 2026
PM Modi Norway Visit 2026
PM Modi Norway Visit 2026 (AI Image)

PM Modi Norway Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरे में नॉर्वे का दौरा 18 और 19 मई को होगा। यह दौरा इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 1983 के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे नहीं गया है। मोदी के इस दौरे को लेकर ओस्लो में तैयारियां तेज हो गई हैं और अधिकारी इसे रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। इस दौरे के दौरान भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार, जलवायु, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।

नॉर्डिक-इंडियन समिट और द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान नॉर्डिक-इंडियन समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नॉर्डिक देशों डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के नेता भी शामिल होंगे। यह सम्मेलन दोनों क्षेत्रों के बीच राजनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का अवसर होगा। दौरे में पीएम मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और नॉर्वे-इंडिया बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भारतीय और नॉर्वेजियन व्यापार प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

भारत-नॉर्वे आर्थिक सहयोग और व्यापार

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने बताया कि भारत और नॉर्वे के बीच 2024 में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनी थी जो पिछले साल लागू हुआ। उन्होंने कहा कि इस समझौते ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नए अवसर दिए हैं। पिछले दस सालों में भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार दोगुना हो चुका है और आने वाले वर्षों में निवेश और आर्थिक सहयोग में और वृद्धि की संभावना है। इस सम्मेलन के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वैश्विक परिदृश्य और रणनीतिक रिश्ते

प्रधानमंत्री स्टोरे ने भारत की वैश्विक भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे जनसंख्या वाला देश है, जो जलवायु, तकनीक, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इस दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

ओस्लो में तैयारियां और बैठक की अहमियत

ओस्लो में पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा और कार्यक्रम की तैयारियां तेज हैं। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा से भी मुलाकात करेंगे, जिसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों के मजबूत होने का संकेत माना जा रहा है। नॉर्डिक-इंडियन समिट में ग्रीन ट्रांजिशन, डिजिटलाइजेशन, इनोवेशन और व्यापार जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी, जिससे राजनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।

Updated on:
11 May 2026 10:59 pm
Published on:
11 May 2026 09:27 pm
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