Asaduddin Owaisi Statement:, Bengal Election 2026: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी और ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि देश का अल्पसंख्यक समुदाय इन दोनों नेताओं की राजनीति पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर सकता।
Asaduddin Owaisi Statement on Narendra Modi and Mamata Banerjee: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर खुल कर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की आम जनता और खास तौर पर अल्पसंख्यक वर्ग इन दोनों बड़े नेताओं पर भरोसा नहीं कर सकते । ओवैसी का यह कड़ा बयान यह साफ करता है कि उनकी पार्टी अब खुद के दम पर चुनाव लड़ने और अपनी अलग सियासी राह बनाने की तैयारी कर रही है।
असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार लोगों को बांटने का काम कर रही है। ओवैसी के मुताबिक, 'सबका साथ,सबका विकास' महज एक नारा बन कर रह गया है, जबकि असलियत में महंगाई, नफरत और बेरोजगारी आसमान छू रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के मुख्य मुद्दों से ध्यान भटका रही है, इसलिए देश के संविधान और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए उन पर विश्वास करना मुश्किल है।
ओवैसी ने सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ममता दीदी ने मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ एक 'वोट बैंक' के रूप में किया है। चुनाव के समय बड़े-बड़े मीठे वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सब भुला दिया जाता है। बंगाल में अल्पसंख्यक आज भी शिक्षा और रोजगार में काफी पिछड़े हुए हैं। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी लोगों को विकास देने के बजाय सिर्फ बीजेपी का डर दिखाती है।
अपने भाषण में ओवैसी ने कहा कि मोदी और ममता की राजनीति लगभग एक जैसी ही है। दोनों ही डर और ध्रुवीकरण के सहारे अपनी कुर्सी बचाते हैं। एक तरफ बीजेपी बहुसंख्यकों को डराकर वोट मांगती है, तो दूसरी तरफ टीएमसी अल्पसंख्यकों को बीजेपी का खौफ दिखाकर अपना काम निकालती है। ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेताओं के झूठे झांसे में न आएं और अपने हकों की लड़ाई के लिए एक सच्चा और मजबूत नेतृत्व चुनें।
ओवैसी के इस तीखे बयान के तुरंत बाद बीजेपी और टीएमसी, दोनों खेमों से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। टीएमसी नेताओं ने पलटवार करते हुए ओवैसी को बीजेपी की 'बी-टीम' करार दिया है। वहीं, बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि ओवैसी हमेशा अपनी भड़काऊ राजनीति से देश का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।
अब सियासी गलियारों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती है। क्या ओवैसी अकेले दम पर टीएमसी और बीजेपी के पक्के वोट बैंक में सेंध लगा पाएंगे, इस पर सभी राजनीतिक पंडितों की पैनी नज़र बनी रहेगी।
इस पूरे राजनीतिक विवाद का एक साइड एंगल यह भी है कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन में ओवैसी को कोई जगह नहीं दी गई थी। ऐसे में ओवैसी खुद को एक स्वतंत्र, बेबाक और मजबूत मुस्लिम नेता के रूप में स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, ताकि वह कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के सामने एक मजबूत विकल्प बन सकें।