
Punjab Congress Reshuffle: पंजाब कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए डॉ. इमैनुअल नाहर को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने उनकी नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है। पार्टी को उम्मीद है कि डॉ. नाहर के नेतृत्व में अल्पसंख्यक विभाग को मजबूती मिलेगी और राज्य में संगठन का जनाधार और मजबूत होगा।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए कई चुनावी समितियों का गठन किया है। पार्टी ने तीन नए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जिससे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को हटाए जाने की अटकलों पर विराम लग गया। साथ ही वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर राज्य इकाई में चल रही गुटबाजी को कम करने की कोशिश की गई है। हालांकि, इस फेरबदल में वरिष्ठ नेता और तीन बार के सांसद मनीष तिवारी को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई।
नई जिम्मेदारी नहीं मिलने के कुछ ही समय बाद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा, हुनरमंद होना ही अपने आप में एक बड़ी कमी है, काश मेरे पास लोगों की इनसिक्योरिटीज को दूर करने का कोई तरीका होता। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा, कांग्रेस ने पिछले 45 सालों में मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपना जीवन पार्टी की सेवा में समर्पित किया है। किस्मत को कौन टाल सकता है, जो होना है, वह तो होगा ही। उनके इन संदेशों को पार्टी के फैसले पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि मनीष तिवारी को पंजाब की नई टीम में इसलिए शामिल नहीं किया गया क्योंकि वह चंडीगढ़ से सांसद हैं और चंडीगढ़, पंजाब का हिस्सा नहीं है। इसी वजह से उन्हें राज्य की चुनावी टीम में जगह नहीं दी गई।
हालांकि मनीष तिवारी का पंजाब की राजनीति से पुराना रिश्ता रहा है। वह पहले लुधियाना और आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से भी सांसद रह चुके हैं।
मनीष तिवारी उन 23 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में शामिल थे, जिन्हें जी-23 के नाम से जाना जाता है। साल 2020 में इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी संगठन में बड़े बदलाव की मांग की थी। उस समय भी यह पत्र काफी चर्चा में रहा था।
सिर्फ मनीष तिवारी ही नहीं बल्कि कुछ अन्य नेता भी पार्टी के फैसलों से खुश नहीं हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बनाए रखने के फैसले पर नाराजगी जताई है। हालांकि पार्टी ने चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने के लिए नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं।
नई संगठनात्मक व्यवस्था के तहत चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति की कमान सौंपी गई है। सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि अमर सिंह घोषणापत्र समिति की अगुवाई करेंगे। पार्टी ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और प्रताप सिंह बाजवा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाए रखा है। वहीं सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को पंजाब कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।