
Punjab Congress: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अंदरूनी कलह से जुझ रही है। 2022 में कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह की लड़ाई से जुझ रही थी, तो वहीं अब पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की लड़ाई से जुझ रही है। 2022 में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। अदरूनी कलह और गुटबाजी से परेशान हाईकमान ने इसे सुलझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए।
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी गुट प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन पार्टी हाईकमान ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक लिस्ट जारी की। पंजाब में कांग्रेस के सात सांसद है। इस लिस्ट में 6 सांसदों को चुनाव को लेकर कोई ना कोई जिम्मेदारी सौंप दी है।
हालांकि मनीष तिवारी को कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने पर नाराज आए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जताई।
पंजाब में अंदरूनी कलह और गुजबाजी को खत्म करने के लिए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को प्रभारी बनाया है। बघेल इसे सुलझाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ कह दिया है कि सभी नेताओं की राय दिल्ली तक जाएगी और जीतने वाले नेता को ही टिकट दिया जाएगा।
शनिवार को भूपेश बघेल ने चन्नी गुट के नेताओं के साथ बैठक की। हालांकि यह बैठक पूरी तरह से बेनतीजा रही। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक में शामिल नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष से हटाने की मांग रखी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की जगह चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की। साथ ही इस मांग को हाईकमान तक पहुंचाने की भी अपील की।
बता दें कि इससे पहले पंजाब में कलह को समाप्त करने के लिए राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदेश के बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाया और उनके साथ बैठक की।
इस पूरे मामले में हाईकमान पावर में आ गया है। प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग पर भूपेश बघेल कई बार कह चुके है कि ये गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है। वहीं इससे साफ संकेत है कि विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट बांटने की चाभी हाईकमान के पास है। ऐसे में अब नेता टिकट के लिए दिल्ली की दौड़ लगाएंगे।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि इस साल के अंत तक चुनाव होने की भी खबरें सामने आई थी। इसके बाद सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति और तैयारी में जुट गए हैं। फिलहाल प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार है।