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‘चीन से जो पैसा मिला वो मुझे भी दो’, छात्रों के आंदोलन को फंडिंग के दावों पर यूट्यूबर पूरव झा ने ली चुटकी

Purav Jha on CJP Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों को फंडिंग वाला बताकर ट्रोल करने वालों पर अब यूट्यूबर पूरव झा ने हमला बोला है।
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Jul 23, 2026
Purav Jha on Students Protest Funding
पूरव झा ने फंडिंग के दावों पर ली चुटकी (सोर्स- @govtmeme)

Purav Jha on Students Protest Funding: जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में बहस तेज होती जा रही है। एक तरफ आंदोलन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की तैयारी है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच लोकप्रिय यूट्यूबर पूरव झा ने आंदोलन को लेकर लगाए जा रहे कथित 'विदेशी फंडिंग' के आरोपों पर व्यंग्य करते हुए एक वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।

विदेशी फंडिंग के दावों पर पूरव झा का तंज

पूरव झा ने अपने वीडियो में व्यंग्यात्मक अंदाज अपनाते हुए कहा कि अगर आंदोलन में शामिल छात्रों को सचमुच चीन या किसी विदेशी स्रोत से फंडिंग मिली है, तो उन्हें भी उसका हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर वह छात्रों का समर्थन कर रहे हैं तो उनके पास भी वह पैसा क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने PayPal और Bitcoin का जिक्र करते हुए पूरे विवाद पर कटाक्ष किया और कहा कि मीडिया की खबरें देखकर तो अब उन्हें भी लगने लगा है कि कहीं उनके हिस्से की फंडिंग रह तो नहीं गई।

उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां कुछ लोगों ने इसे हास्य के रूप में लिया तो कुछ ने इसे मौजूदा बहस पर तीखी टिप्पणी बताया।

हाई कोर्ट में पहुंचा आंदोलन का मामला

इसी बीच CJP के संसद मार्च और विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच NIA से कराई जाए। गुरुवार को मामले का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष किया गया, जिसके बाद अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के लिए सहमति दे दी।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के कारण राजधानी के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अदालत से मामले पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

याचिका में लगाए गए कई आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि आंदोलन के दौरान बाहरी और विदेशी फंडिंग की भूमिका हो सकती है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, पुलिसकर्मी घायल हुए और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की गई। याचिका में इन सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों के कथित विदेशी संगठनों से संबंधों की भी जांच की मांग की गई है।

अभी आरोपों पर नहीं आया कोई न्यायिक निष्कर्ष

हालांकि ये साफ करना जरूरी है कि विदेशी फंडिंग, साजिश या अन्य आरोप फिलहाल केवल जनहित याचिका में लगाए गए दावे हैं। इन आरोपों की अदालत द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और न ही किसी जांच एजेंसी ने अब तक इन्हें प्रमाणित किया है। दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी। उधर सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर लगातार बहस जारी है। जहां कुछ लोग जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई लोग अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।

Updated on:
23 Jul 2026 04:43 pm
Published on:
23 Jul 2026 04:43 pm