
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा सांसदों ने उन्हें बोलने नहीं दिया। उनका माइक बंद कर दिया गया।
अब राहुल गांधी शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इसमें वह सब कुछ खुलकर बताएंगे जो सदन में नहीं कह पाए। राहुल ने ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी।
राहुल ने ट्वीट में कहा- आज, पार्लियामेंट में अपने भाषण के दौरान, मैंने दिल्ली में स्टूडेंट्स पर हुई बेरहमी का मुद्दा उठाया और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम लिया- होम मिनिस्टर अमित शाह।
राहुल ने कहा- भाजपा ने मुझे बोलने नहीं दिया। आज शाम 6 बजे- मैं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वह सब कुछ कहूंगा जो मुझे हाउस में कहने की इजाजत नहीं थी। वे माइक बंद कर सकते हैं - लेकिन स्टूडेंट्स की गूंज नहीं।
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन था। नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हजारों युवा सड़क पर उतरे थे। पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और पेलेट गन का इस्तेमाल किया। इसमें कई छात्र घायल हुए।
इसमें कई लड़कियों पर भी हमले की खबरें आईं। राहुल गांधी ने इस घटना को 'बरबरता' बताया और सीधे अमित शाह से सवाल किया- क्या आपने पुलिस एक्शन की अनुमति दी थी?
संसद में जब राहुल बोलने लगे तो भाजपा बेंच से विरोध शुरू हो गया। हंगामा इतना बढ़ा कि स्पीकर को सदन स्थगित करना पड़ा। राहुल ने बाद में कहा- माइक बंद कर सकते हो, लेकिन छात्रों की आवाज को नहीं दबा सकते।
राहुल गांधी ने सदन में इन घटनाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने लिखित पत्र में शाह से पूछा कि क्या प्लेन क्लोथ्स में पुलिस वाले भी तैनात किए गए थे?
राहुल गांधी ने साफ संकेत दिया है कि सदन में जो नहीं बोल पाए, वो बाहर बताएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे छात्रों के साथ अपनी मुलाकात, घायलों की स्थिति और सरकार की जिम्मेदारी पर विस्तार से बोल सकते हैं।