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राहुल गांधी ने Agnipath scheme का किया विरोध, प्रियंका ने कहा- अपनी मनमानी कर रही सरकार

Agnipath Recruitment Scheme: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अग्निपथ योजना का विरोध किया है। दोनों का कहना है ये सेना के काम करने की शैली को प्रभावित करेगा। इस तरह के प्रयोग कर मनमानी कर रही है सरकार।

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Jun 15, 2022
Rahul Gandhi and Priyanka Vadra Criticises Agnipath Recruitment Scheme
Rahul Gandhi and Priyanka Vadra Criticises Agnipath Recruitment Scheme

बुधवार को केंद्र सरकार ने तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए अग्नि पथ योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत सेना में शॉर्ट टर्म के लिए नौजवानों की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही कुछ खास पैकेज, वेतन और उम्र जैसी सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गई थीं। इस योजना के घोषणा के बाद से ही विपक्ष और डिफेन्स एक्सपर्ट इसपर सवाल उठा रहे हैं और अब राहुल गांधी ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि इससे सेना की ऑपरेशन की प्रभावशीलता कम होगी।

राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बुधवार को अग्निपथ योजना की आलोचना करते हुए लिखा, "जब भारत दो फ्रन्ट पर खतरों का सामना कर रहा है, ऐसे में अग्निपथ योजना सशस्त्र बलों की ऑपरेशन की प्रभावशीलता को कम करेगा।"

अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने आगे लिखा, "बीजेपी सरकार को हमारी सेना की गरिमा, परंपराओं, वीरता और अनुशासन से समझौता करना बंद करना चाहिए।"


प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी उठाए सवाल
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी मोदी सरकार को घेरते हुए लिखा, "भाजपा सरकार सेना भर्ती को अपनी प्रयोगशाला क्यों बना रही है? सैनिकों की लंबी नौकरी सरकार को बोझ लग रही है? युवा कह रहे हैं कि ये 4 साल का नियम छलावा है। हमारे पूर्व सैनिक भी इससे असहमत हैं। सेना भर्ती से जुड़े संवेदनशील मसले पर न कोई चर्चा, न कोई गंभीर सोच-विचार। बस मनमानी?

अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का ये बयान तब सामने आ रहा है जब पहले इस योजना का विरोध हो रहा है। बता दें किसेना में भर्ती के लिए सरकार की अग्‍न‍िपथ योजना का बिहार के कई इलाकों में युवा विरोध कर रहे हैं। यही नहीं बक्‍सर में सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा ट्रेन की आवाजाही भी बाधित कर रहे हैं।

अग्निपथ योजना सवालों के घेरे में?
इस योजना को लेकर कहा जा रहा है कि सेना में 15 सालों तक काम करने के बाद सेवानिवृत होने वाले सैनिक को किसी बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिलती है। ऐसे में अग्निवीरों का क्या होगा? क्या ये उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं है?

सवाल तो ये भी उठ रहे हैं कि 6 महीने की ट्रेनिंग में कैसे युवा प्रशिक्षित होंगे? क्योंकि सेना में हथियार, टैंक, आर्टिलरी और मिसाइल यूनिट्स के साथ ही कई तकनीक को सीखने में काफी समय लग जाता है।

गृह मंत्रालय की घोषणा
ऐसे कई सवाल हैं जो अग्निपथ योजना अपर उठ रहे हैं। इन सवालों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने आज बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 4 साल की नौकरी के बाद अग्निवीर को सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।

यह भी पढ़े- अग्निपथ भर्ती योजना, भारतीय सैन्य इतिहास में स्वर्णिय अध्याय : सीएम योगी

Updated on:
15 Jun 2022 05:23 pm
Published on:
15 Jun 2022 05:17 pm