
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान, उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पीकर ओम बिरला को भी घेरा।
राहुल ने कहा- लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता। मैंने कई बार स्पीकर से सदन में व्यवस्था बनाए रखने को कहा ताकि मैं बोल सकूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया।
राहुल ने आगे कहा- बहाना यह बनाया गया कि मैंने अमित शाह के बारे में कुछ कहा था कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए वे जिम्मेदार थे। मुझे भरोसा दिलाया गया कि अगर मैं माफी मांग लूं, तो मुझे बोलने दिया जाएगा। मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा।
उन्होंने कहा- अब सवाल यह है कि ये सज्जन (गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए) जैसा कि मैं समझता हूं, भारत के गृह मंत्री हैं और पुलिस बलों या गृह मंत्रालय से जुड़े बलों द्वारा की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए उनके आदेश की जरूरत होती है।
राहुल ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा- जब हम संसद भवन में थे, तो मैंने अपनी आंखों से अमित शाह को पुलिस अधिकारियों को फोन करते देखा। मैंने मंत्री जितेंद्र सिंह (केंद्रीय मंत्री) को अमित शाह के लगातार फोन आते हुए देखा। तो, उन्हें साफ तौर पर पता था कि सड़कों पर क्या हो रहा था।
उन्होंने कहा- अब दो संभावनाएं हैं। पहली संभावना यह है कि उन्होंने लोगों पर पैलेट गन से गोली चलाने, कील लगी लाठियों से पीटने और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। या फिर उन्हें पता ही नहीं था कि ऐसा हो रहा है। अगर उन्हें पता नहीं था कि ऐसा हो रहा है, तो वे अयोग्य हैं। और अगर उन्होंने इसका आदेश दिया, तो वे दोषी हैं।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- अमित शाह लोकसभा नहीं आ सके क्योंकि वे दोषी हैं, वरना वे जवाब दे सकते थे। उन्होंने कहा- पेपर लीक पर सख्त सजा वाले बिल पर चर्चा करने का कोई फायदा नहीं है, मौजूदा कानून के तहत किसी को भी दोषी नहीं ठहराया गया है।