
Raja Warring on Bhagwant Mann: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। मालेरकोटला में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों, मनरेगा मजदूरों और अन्य वर्गों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों और दूसरे वर्गों को आंदोलन करने पर कार्रवाई की धमकी देती है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अहमद शाह अब्दाली भी पंजाब के मुख्यमंत्री जितने अहंकारी रहे होंगे।
राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों का करीब 14 हजार करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता (डीए) रोक रखा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों का बकाया डीए वापस करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का पैसा दूसरे राज्यों में खर्च किया जा रहा है। राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब का पैसा गोवा और गुजरात में खर्च हो रहा है और मुख्यमंत्री राज्य के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार अलग-अलग वर्गों के कर्मचारियों को आंदोलन करने पर धमकाती है। उन्होंने कहा कि पटवारी हड़ताल पर जाएं तो उन्हें बर्खास्त करने की बात कही जाती है। मनरेगा मजदूरों के हड़ताल करने पर भी कार्रवाई की धमकी दी जाती है। राजा वड़िंग ने सफाई कर्मचारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों और आम लोगों की आवाज सुननी चाहिए न कि उनके खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
मालेरकोटला में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर राजा वड़िंग ने कहा कि उन्हें लोगों का अच्छा समर्थन मिला है। उन्होंने बताया कि पूरा हॉल भरा हुआ था और लोग दरवाजों तक खड़े थे। आगे कहा कि कार्यक्रम को लेकर किसी ने नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। वड़िंग ने कहा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोगों का समर्थन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। उन्होंने 8 अगस्त के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र किया और कहा कि 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद समेत कई नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
बघेल ने मालेरकोटला के इतिहास पर बोलते हुए कहा कि 1705 में जब गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया था तब मालेरकोटला के नवाबों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में बना भाईचारा आज भी कायम है।