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Ram Mandir Donation Theft: चंपत राय, अनिल मिश्रा की हो सकती है हत्या, सुरक्षा में रखे सरकार- बोले कांग्रेस नेता आलोक शर्मा

Ram Mandir Trust Row: अयोध्या के राम मंदिर दान विवाद पर बयानबाजी तेज हो गई है। नताओं, संतों, पत्रकारों और आम नागरिकों की इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं कांग्रेस नेता ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को सुरक्षा देेने की मांग की है।
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Jul 02, 2026
Ram Mandir Trust Row
राम मंदिर दान विवाद में कांग्रेस नेता ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के लिए मांगी सुरक्षा (Photo-IANS)

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या में राम मंदिर के दान को लेकर चल रहे विवाद के बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। कांग्रेस नेता आलोक शर्मा ने दावा किया है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा की हत्या कराई जा सकती है। उन्होंने सरकार से दोनों नेताओं की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बीजेपी के शासन ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें मुख्य आरोपियों को मरवा दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में ये दोनों असली डकैत हैं और इनके हैंडलर नागपुर और दिल्ली में बैठे हैं। सुरक्षा मांगने के पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर डकैतों का मार दिया तो हैंडलर का पता नहीं चल पाएगा। वहीं नेताओं के साथ-साथ इस मुद्दे पर संतों और लोगों की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं।

आलोक शर्मा ने लगाए आरोप

निजी चैनल पर चल रही एक डिबेट के दौरान आलोक शर्मा से पूछा गया कि इस मामले में अभी तक बीजेपी से जुड़े किसी व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है, फिर भी वह बीजेपी को लेकर इस तरह की बात क्यों कर रहे हैं। इसका जवाब देते हुए आलोक ने कहा कि अयोध्या के उस समय के मेयर, जिनके हस्ताक्षर सभी दस्तावेजों पर थे, क्या वे भाजपा के नहीं थे? उन्होंने दावा किया कि उनकी मातृ संस्था और पितृ संस्था सब कुछ आरएसएस ही है और पूरी आरएसएस इस डकैती में शामिल है। आगे उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन बीजेपी सरकार ने किया था और ट्रस्ट में अपनी पसंद के लोगों को जगह दी गई। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच में हो रही देरी पर भी आरोप लगाया कि सरकार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

सुशांत सिन्हा बोले- मोदी को मिलेगी सजा

इस मामले पर टीवी न्यूज एंकर सुशांत सिन्हा ने बीजेपी और आरएसएस से सवाल किए हैं और कहा है कि चंदा चोरी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान श्रीराम के साथ-साथ जनता भी सजा देगी। सुशांत सिन्हा के इस बयान वाले क्लिप को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है और लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

दो संत हुए आमने-सामने

इसी मुद्दे पर डिबेट में दो संत भी आमने-सामने आ गए। कांग्रेस से बीजेपी समर्थक हुए कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद ने एक टीवी डिबेट के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस राम मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद बनवाना चाहती हैं। इस बयान पर निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे अवसरवादी बयान बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देना ठीक नहीं है। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

बहस के दौरान निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता ने पीठाधीश्वर से शर्म करने तक की बात कही। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों ने भाषा की मर्यादा का भी ध्यान नहीं रखा और एक-दूसरे पर तीखे शब्दों से हमला करते नजर आए।

आरएसएस के नाम पर भड़के लोग

वहीं, इस मुद्दे पर एक पत्रकार ने लोगों के समूह से बात की, तो एक व्यक्ति ने कहा कि राम मंदिर में कोई लूट नहीं हुई है। जब पत्रकार ने 200 करोड़ रुपये के दान के मामले का जिक्र किया, तो उन्होंने कहा कि ये छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं। आगे जब पत्रकार ने उनसे और सवाल किए तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच में जो सच सामने आएगा, वहीं मना जाएगा। आगे उन्होंने भड़कते हुए कहा कि आपजो सोचकर आए हैं, हम वह नहीं बोलेंगे, हमारी आस्था वहां से जुड़ी है।

राम मंदिर दान विवाद पर गोदी पत्रकार सुशांत सिन्हा बीजेपी और यहां तक कि आरएसएस से भी सवाल पूछ रहे हैं। दोषियों को बारे में बात करते समय उनके गुस्से को देखिए। क्या उनके पेमेंट नहीं मिले?