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राम मंदिर चंदा विवाद: 8 आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे अयोध्या के वकील? बार एसोसिएशन आज लेगा बड़ा फैसला

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फैजाबाद बार एसोसिएशन से जुड़े कई वकीलों ने उनकी पैरवी नहीं करने की सहमति जताई है।
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Jun 28, 2026
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Ram Temple Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब फैजाबाद बार एसोसिएशन से जुड़े कई वकीलों ने संकेत दिया है कि वे इन आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला सोमवार को होने वाली बार एसोसिएशन की जनरल बॉडी की बैठक में लिया जाएगा।

बार एसोसिएशन ने क्या कहा?

फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की पैरवी नहीं करने के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जनरल बॉडी की बैठक में होगा। वहीं, बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से वकीलों की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने कहा, "फैजाबाद के वकीलों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि गिरफ्तार आरोपियों की ओर से पैरवी नहीं की जाए। इस पर अंतिम निर्णय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और जनरल बॉडी की बैठक में लिया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।"

वकीलों ने क्यों बनाई दूरी?

कुछ वकीलों का कहना है कि यह मामला करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस को आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश करने के बजाय अलग तरीके से पेश करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की करतूत की वजह से पूरी अयोध्या की छवि प्रभावित हुई है।

क्या है पूरा मामला?

राम मंदिर में चढ़ावे और दान की गिनती का काम करने वाले आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।

किन धाराओं में दर्ज हुआ है केस?

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

यह एफआईआर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था।

आरोपियों के घरों पर भी हुई छापेमारी

रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस टीम स्थानीय मजिस्ट्रेट के साथ आरोपियों के घर पहुंची और तलाशी ली। इससे पहले अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

पुलिस अब सोमवार को आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश करेगी। इस दौरान जांच एजेंसी उनकी पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि मामले में आगे पूछताछ की जा सके।