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राम मंदिर चंदा चोरी: आठ अभियुक्त पकड़े गए तो बाबा ने कहा – यह भगवान राम की जीत है

Ram Mandir donation theft: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एफआईआर के बाद आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जगदगुरु स्वामी सतिशाचार्य महाराज ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए इसे भगवान राम और सनातनियों की जीत बताया और मामले को राजनीति से दूर रखने की बात कही।
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Jun 26, 2026
Ram Mandir Donation Row
अयोध्या राम मंदिर (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Ram Mandir donation theft: अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गबन के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद संत समाज की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। जगदगुरु स्वामी सतिशाचार्य महाराज ने इसे भगवान राम, अयोध्या और सनातनियों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़े मामले में बिना आधार किसी पर आरोप लगाने का अधिकार किसी को नहीं है और इस पूरे प्रकरण को राजनीति से जोड़ना गलत है।

राजनीति का मामले से कोई संबंध नहीं - सतिशाचार्य

जगदगुरु स्वामी सतिशाचार्य महाराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह भगवान राम, अयोध्या, भारत और सनातनियों की जीत है। आठ लोगों की तत्काल गिरफ्तारी न्याय व्यवस्था के सकारात्मक पक्ष को दिखाती है। यह धर्म से जुड़ा मामला है। क्या किसी को किसी पर भी आरोप लगाने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल अयोध्या जा रहे हैं, लेकिन क्या इस मामले से राजनीति का कोई संबंध है। स्वामी सतिशाचार्य महाराज का बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर सवाल उठा रहा है। संत समाज के कई लोग इसे आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं।

एफआईआर के बाद आठ आरोपियों की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर के बाद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। इन पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति छिपाने, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद

यह मामला तब चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर में आए चंदे के कथित गायब होने को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच रिपोर्ट की सिफारिश पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एफआईआर हुई। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता आलोक कुमार ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया था। वहीं अखिलेश यादव ने एफआईआर के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटी मछलियां पकड़ी जाएंगी और बड़ी मछलियों को बचाया जाएगा।

Updated on:
26 Jun 2026 11:59 am
Published on:
26 Jun 2026 11:22 am