
कैप्टन स्मित मच्छार- राहुल गांधी। फाइल फोटो- पत्रिका
मुंबई। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कैप्टन स्मित मच्छार मामले पर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर बार-बार विरोध करने का आरोप लगाया। साथ ही नशीली दवाओं के खिलाफ मोदी सरकार की कोशिशों के तहत नार्को-टेररिस्ट नवप्रीत सिंह को तुर्की से वापस लाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दुबई का जो प्लेन हाईजैक विफल किया गया, उसको 72 घंटे से ऊपर हो गए हैं। कैप्टन स्मित की बहादुरी, उनके साहस के किस्से, उनकी प्रशंसा पूरा विश्व कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजराइली प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी ने तो स्वयं उनसे बात भी की, लेकिन राहुल गांधी में इतना भी शिष्टाचार नहीं है कि वह कैप्टन स्मित के पक्ष में एक पोस्ट करें, उनको बधाई दें और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लें। ये क्या मानसिकता है कांग्रेस पार्टी की। कहीं न कहीं अब लोगों को ऐसा लगने लगा है कि शायद राहुल गांधी की सहानुभूति उस दूसरे पायलट के साथ हैं, जो उस प्लेन को हाईजैक करना चाहता था। यह हम इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि पिछले 3 साल में हमने देखा है किस प्रकार से प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने अपने आर्टिकल्स लिखकर इजरायल को दुत्कारा है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एक और बात पर गौर करना होगा। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने इमरान मसूद को स्टेट का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया। इमरान मसूद कौन है? आज से कुछ महीनों पहले इमरान मसूद ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने हमास की तुलना शहीद भगत सिंह से की थी। जब कांग्रेस हमास के पक्ष में, हमास के फेवर में सहानुभूति रखती है, स्वाभाविक है कि वह कैप्टन स्मित जैसे शूरवीरों के लिए भारत, भारत माता के वीर पुत्रों के साहस का कद्र नहीं कर सकती। शर्म की बात है कि आज राहुल गांधी जैसे लोग पूरे देश को शर्मसार करते हैं और उनमें इतना भी शिष्टाचार नहीं है कि वे कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा करें।
उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों में आपस में एक प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन कितना ज्यादा विरोध प्रदर्शन कर सकता है? कौन कितना ज्यादा और कितना बड़ा आंदोलन जीवी बन सकता है? कल शिवाजी पार्क में कॉकरोचों द्वारा जो आंदोलन किया गया है, उसकी हकीकत यही है कि वहां के रेसिडेंट्स आंदोलन जीवियों का विरोध करते दिखे और ये कहते हुए देखे गए कि हमारे एरिया की शांति भंग मत करिए। हमारे पास कोई समस्या नहीं है। तुहिन सिन्हा ने कहा कि यही हाल इन आंदोलन जीवियों का पूरे देश में होने वाला है और राहुल गांधी को देखकर तो बड़ी हैरानी होती है। आज की तारीख में उनका मुकाबला कॉकरोचों से है। अगर कॉकरोच जंतर मंतर में प्रदर्शन करते हैं, तो अगले दिन राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंच जाते हैं। अगर कॉकरोच बालाघाट पहुंचते हैं, अगले दिन राहुल गांधी वहां पहुंच जाते हैं।
तुहिन सिन्हा ने आगे कहा कि आज ड्रग्स फ्री इंडिया की दिशा में मोदी सरकार ने एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवप्रीत सिंह विश्व का एक बड़ा नार्को टेररिस्ट है, जो कि नाम बदलकर तुर्की में छुपा था। शनिवार को उसका डेपोटेशन सफलतापूर्वक हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2029 तक पूरी तरह से नारको टेरेरिज्म को भारत से समाप्त किया जाएगा। उस दिशा में ये यह एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है। नारको टेररिज्म के समाप्त होने के उपरांत 2047 तक भारत पूरी तरह से नशा मुक्त होगा। जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सल मुक्त भारत का एक लक्ष्य दिया था और अपनी दृढ़ता से, दृढ़ संकल्प और कर्मठता से समय पर तरीके से उस लक्ष्य को हासिल किया। उसी तरह से ड्रग्स मुक्त भारत का लक्ष्य भी बहुत जल्द भारत हासिल करने वाला है और ये एक बार फिर मोदी सरकार की पॉलिटिकल विल पावर को दर्शाता है।
Updated on:
03 Oct 2026 09:31 pm
Published on:
03 Oct 2026 09:20 pm
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