
krishna Mohan Appointed General Secretary: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने साफ कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा, उसे कानून के मुताबिक सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
कृष्ण मोहन ने कहा कि ट्रस्ट के कामकाज में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे।
सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास समेत सात स्थायी सदस्य मौजूद रहे। हालांकि इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अंतरिम व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन ट्रस्ट का कामकाज संभालेंगे।
कृष्ण मोहन उत्तर प्रदेश में हरदोई के रहने वाले है। कृष्ण मोहन राम मंदिर का कामकाज देखने वाली समिति के सदस्य हैं। वह पहले भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी नौकरी की शुरुआत परमाणु ऊर्जा विभाग से की थी। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और उन्होंने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं।
साल 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े गए। साल 2025 में उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया गया था। उनकी नियुक्ति कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर हुई थी।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन को फिलहाल कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहाकिजब तक नया जनरल सेक्रेटरी नियुक्त नहीं हो जाता, तब तक मुझे कार्यवाहक जनरल सेक्रेटरी के तौर पर जिम्मेदारियां निभाने का काम सौंपा गया है। ट्रस्ट में हुए इस बदलाव के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक कामकाज को किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा।
कृष्ण मोहन ने माना कि ट्रस्ट के प्रबंधन और कामकाज में कुछ कमियां थीं, जिनका कुछ लोगों ने फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट और कामकाज में कुछ कमियां थीं जिनका दूसरों ने फायदा उठाया। इसलिए, मेरी मुख्य कोशिश इन कमियों को दूर करने और ग़लतियों को सुधारने की होगी। मैं यह पक्का करने की पूरी कोशिश करूंगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।