
Bengal Election: पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल अभी थमी नहीं है। चुनाव को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग ने कुछ मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया है। इसके तहत 2 मई को 15 पोलिंग स्टेशनों पर फिर से मतदान होगा। इनमें से 11 बूथ 142-मगहरट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आते हैं, जबकि बाकी 4 बूथ 143-डायमंड हार्बर क्षेत्र में हैं। वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है। ये वही बूथ हैं जहां 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। लेकिन बाद में मिली रिपोर्ट्स के आधार पर आयोग ने इन जगहों का चुनाव रद्द कर दिया। यह फैसला जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 58(2) के तहत लिया गया है।
दरअसल, दक्षिण 24 परगना जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों के कुल 77 बूथों पर दोबारा वोटिंग की मांग उठी थी। फिलहाल आयोग ने 15 बूथों पर ही री-पोलिंग का आदेश दिया है। बाकी 62 बूथों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। आयोग का कहना है कि रिटर्निंग अफसर और ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट के आधार पर ही यह कदम उठाया गया है।
इस मामले में राजनीतिक तकरार भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने डायमंड हार्बर क्षेत्र के कुछ बूथों पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। यह वही इलाका है जहां तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी का प्रभाव माना जाता है। शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने जांच के लिए विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को नियुक्त किया।
चार मई को वोटों की गिनती होनी है, ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने भरोसा दिलाया है कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ की निगरानी 24 घंटे सीसीटीवी से की जा रही है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। कोलकाता में कुछ तनावपूर्ण हालात बनने के बाद पुलिस ने कई जगहों पर निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।