करीब 600 रिपोटर्स ने 117 देशों में पेंडोरा पेपर की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में बताया है कि कैसे पूरे खेल का पर्दाफाश होने के बाद भारतीय हस्तियों ने इसका तोड़ निकालना शुरू कर दिया था।दुनियाभर के 1.19 करोड़ दस्तावेजों को खंगालने के बाद इन 'वित्तीय रहस्यों को दुनिया के सामने लाया गया है।
नई दिल्ली।
करीब पांच साल पहले पनामा पेपर लीक मामले ने सारी दुनिया में तहलका मचा दिया था। बड़ी-बड़ी हस्तियों की फर्जी कंपनियों और टैक्स चोरी की सच्चाई सामने आई थी। इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आइसीआइजी) ने अब उसी तरह का बड़ा खुलासा किया है।
करीब 600 रिपोटर्स ने 117 देशों में पेंडोरा पेपर की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में बताया है कि कैसे पूरे खेल का पर्दाफाश होने के बाद भारतीय हस्तियों ने इसका तोड़ निकालना शुरू कर दिया था।दुनियाभर के 1.19 करोड़ दस्तावेजों को खंगालने के बाद इन 'वित्तीय रहस्यों को दुनिया के सामने लाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार अनिल अंबानी, जो खुद को ब्रिटेन की कोर्ट में दिवालिया बताते हैं, उनके पास विदेश में 18 कंपनियां हैं। पंजाब नेशनल बैंक से हजारों करोड़ का घोटाला करने वाला हीरा व्यापारी नीरव मोदी जब भारत से भागा था, तब उससे एक महीने पहले उसकी बहन ने एक ट्रस्ट बनाया था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पनामा पेपर लीक के बाद भारतीयों ने अपनी संपत्ति को फिर से संगठित करना शुरू कर दिया। इसके मुताबिक क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर ने लीक के तीन महीने बाद ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में अपनी संपत्ति को लिक्विडेट करने के लिए कहा था।
पनामा पेपर में क्या मिला?
इससे पहले आईसीआईजे ने 2016 में पनामा पेपर लीक के जरिए दुनिया के सामने टैक्स चोरी के खेल को उजागर किया गया था। इसमें बताया गया था कि कैसे विदेशों में मुखौटा कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी को अंजाम दिया जाता है। यह लीक पनामा की कानूनी सहायता देने वाली मोसाक फोंसेका कंपनी के साथ जुड़ी हुई थी। इससे पनामा देश का नाम भी खराब हुआ था, जबकि ज्यादातर कंपनियां बाहर की थीं।
एक-दो दिन में पूरी रिपोर्ट होगी जारी
एक-दो दिन में आइसीआइजी की पूरी जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी। पेंडोरा पेपर लीक से पनामा सरकार की छवि को फिर झटका लग सकता है। उसने कानूनी फर्म के जरिए आइसीआइजी को पेपर जारी न करने के लिए पत्र जारी कर कहा, ताजा दस्तावेज जारी होने से पनामा के बारे में गलत धारणाएं बनेंगी।
20,078 करोड़ की अघोषित संपत्ति
पिछली जांच में पता चला था कि कैसे संपत्ति, कंपनियों, मुनाफे और टैक्स चोरी को छिपाया गया। इसमें सरकारी अधिकारियों, रसूखदारों के साथ राष्ट्राध्यक्ष तक शामिल थे। खेल, कला जगत तक की हस्तियों का नाम पनामा पेपर लीक में सामने आया था। जुलाई में भारत सरकार ने बताया कि पनामा पेपर लीक में भारत से संबंधित लोगों के संबंध में 20,078 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति का पता चला।
जनरल की बीवी को मिला बंगला, तब मुशर्रफ ने भारतीय फिल्म से उठाया बैन
जयपुर. पंडारा पेपर में हुए खुलासे के मुताबिक 2007 में पाकिस्तानी राष्ट्रपति रहे जनरल परवेज मुशर्रफ के बेहद करीबी जनरल सफतउल्लाह शाह की बीवी ने 12 लाख डालर का अपार्टमेंट लंदन में लिया था। इसे दुबई व लंदन में रेस्टोरेंट चलाने वाले अकबर आसिफ ने दिया था। अकबर आसिफ भारतीय सिनेमा निदेशक के आसिफ के बेटे हैं। आसिफ ने लंदन के डोरचेस्टर होटल में मुशर्रफ से मिलकर अपने पिता की फिल्म को रिलीज करने की बात की थी। इसके बाद मुशर्रफ ने 40 साल बाद किसी भारतीय फिल्म को प्रदर्शित करने की इजाजत दी। अकबर आसिफ के पास कई विदेशी कंपनियां हैं। इसी में से एक तलाहा लिमिटेड के माध्यम से जनरल शाह की बीवी को अपार्टमेंट दिया गया। आसिफ की बहन का नाम हिना कौसर है और वह भारत के अपराधी इकबाल मिर्ची की पत्नी थी। इकबाल मिर्ची दाउद इब्राहिम के सबसे करीबी लोगों में शामिल था और दाउद के ड्रग नेटवर्क को संभालता था। 2013 में उसकी मौत हो गई।
इमरान की सेना ने किया पाकिस्तान को खोखला
पाकिस्तान में सबसे ज्यादा पैसों की हेराफेरी प्रधानमंत्री इमरान खान की सेना यानी उनके करीब लोगों ने की है। इमरान के नजदीकी वित्तमंत्री शौकत तरीन और जल संसाधन मंत्री मोनिष इलाही ने कई कंपनियां विदेशों में बनाकर पैसा पहुंचाया है। वहीं पाकिस्तानी सेना के कई सैन्य अधिकारियों ने भी हेराफेरी की हैं। इमरान खान के पूर्व सलाहकार के बेटे वकार मसूद खान ने भी खूब संपत्ति बनाई है और इमरान खान की पीटीआई को सबसे ज्यादा दान देने वाले आरिफ नकवी का नाम भी इसमें शामिल है। आरिफ नकवी को हेराफेरी करने के कारण अमरीका में प्रतिबंधित कर दिया गया था।