
Sandeep Dixit DMK Comment: राहुल गांधी पर DMK की बयानबाजी ने कांग्रेस को बेहद नाराज कर दिया है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने डीएमके (DMK) के राजनीतिक रुख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसे उसके पुराने गठबंधनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में डीएमके भाजपा के साथ भी खड़ी रही है, इसलिए उसे केवल एक विचारधारा तक सीमित नहीं माना जा सकता।
संदीप दीक्षित ने DMK को पुरानी राजनीतिक मजबूरियां याद दिलाईं। उन्होंने कहा कि डीएमके को यह भी याद रखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में वे भाजपा के साथ खड़े थे, ऐसा नहीं है कि वे केवल धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ थे, तमिलनाडु में कभी भी एक ही तरह का गठबंधन नहीं रहा है। अगर किसी राज्य में कोई अन्य धर्मनिरपेक्ष पार्टी उभरती है, तो उन्हें उसे बड़े आंदोलन में शामिल करना चाहिए। हम राज्य स्तर पर एक-दूसरे से निपटने की कोशिश करेंगे। राहुल गांधी ने उदारता और महानता दिखाई है। क्षेत्रीय दलों को अपनी संकीर्ण सोच से ऊपर उठना चाहिए।
यह विवाद डीएमके के आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' में प्रकाशित एक संपादकीय के बाद शुरू हुआ। संपादकीय में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला गया था। लेख में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस राज्यों में अपने सहयोगी दलों को कमजोर करती है और बाद में लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हीं से समर्थन मांगती है। संपादकीय में INDIA गठबंधन के भीतर कांग्रेस को झेलनी पड़ रही आलोचनाओं का कारण बताया गया। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन में रहते हुए कांग्रेस ने तमिलनाडु में उसके हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
नई दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में कई सहयोगी दल कांग्रेस के रवैये से नाराज दिखाई दिए। लेख में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई नेताओं का जिक्र किया गया। संपादकीय में कहा गया कि विपक्षी एकता पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में कांग्रेस खुद आलोचना का केंद्र बन गई और इसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।