Sanjay Singh Statement: AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि कल संविधान, कानून और नियमों के खिलाफ जाकर 7 लोगों ने BJP में शामिल होने का ऐलान किया। इस बारे में मैं राज्यसभा के चेयरमैन और माननीय वाइस प्रेसिडेंट को सभी जरूरी नियमों का हवाला देते हुए एक चिट्ठी लिखूंगा।
Sanjay Singh Letter Vice President: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में सात बागी सांसदों के भाजपा में शामिल होने को ‘असंवैधानिक, गैर-कानूनी और नियमों के विरुद्ध’ करार देते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को कॉन्फ्रेंस कर कहा कि संविधान की हत्या बर्दाश्त नहीं होगी।
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सांसद संजय सिंह ने कहा कि कल 24 अप्रैल को AAP के सात राज्यसभा सांसदों राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। ये सांसद AAP की 10 में से 7 सीटों का प्रतिनिधित्व करते थे। AAP अब राज्यसभा में महज तीन सांसदों (संजय सिंह, संत बलबीर सिंह सीचेवाल और एनडी गुप्ता) तक सिमट गई है।
संजय सिंह ने कहा कि कल असंवैधानिक तरीके से सात लोगों ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। मैं आज राज्यसभा के सभापति एवं माननीय उपराष्ट्रपति को सभी प्रासंगिक नियमों का हवाला देते हुए पत्र दूंगा, जिसमें इन सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की जाएगी। उन्होंने इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बताया और पंजाब की जनता से अपील की कि ये ‘गद्दार’ कभी माफ न किए जाएं।
AAP का तर्क है कि यह दलबदल कानून (10वीं अनुसूची) का उल्लंघन है। पार्टी का दावा है कि सात सांसदों ने अपनी मूल पार्टी की सदस्यता स्वेच्छा से त्याग दी, इसलिए वे अयोग्य ठहराए जाने चाहिए। विपक्षी दल इसे AAP के अंदरूनी कलह और पंजाब चुनाव (2027) से पहले भाजपा की साजिश बता रहे हैं।
AAP की पूर्व सांसद स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और झूठ के कारण राघव चड्ढा सहित अन्य सांसद बीजेपी में शामिल हुए है। मालीवाल ने कहा कि मैं 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही हूं। मैंने अपना घर छोड़ दिया, अपनी नौकरी छोड़ दी और सात साल तक झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में रही, हर आंदोलन में उनका साथ दिया। 2024 के अपने आरोपों को दोहराते हुए उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने अपने घर पर अपने साथियों से मुझे बेरहमी से पिटवाया। जब मैंने FIR दर्ज कराने की कोशिश की, तो मुझे धमकाया गया और डराया गया। पिछले दो सालों में भी मुझसे FIR वापस लेने के लिए कई बार दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने केजरीवाल पर महिला-विरोधी होने का भी आरोप लगाया।