देशभर में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि राजधानी दिल्ली से लेकर सटे हुए राज्यों में भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि, कोरोना के बढ़ती रफ्तार के बीच एक बार फिर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि 20 अप्रैल को डीडीएमए की बड़ी बैठक होना है।

कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। एक तरफ देशभर में रोजाना मामलों में दोगुना की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी ताजा आंकड़े डराने वाले हैं। यही वजह है कि बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली और NCR में एक बार फिर स्कूल बंद किए जा सकते हैं। दरअसल बीते सप्ताह 13 से ज्यादा बच्चों के संक्रमण की चपेट में आने के बाद नोएडा के 3 और गाजियाबाद का एक स्कूल बंद कर दिया गया था। लेकिन एक बार फिर ये उम्मीद जताई जा रही है कि, जल्द ही सरकार इसको लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। दरअसल 20 अप्रैल को डीडीएम की अहम बैठक होना है। इसमें मास्क समेत अन्य प्रतिबंधों को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है।
दिल्ली के भी 1 स्कूल में टीचर और स्टूडेंट के संक्रमित पाए जाने के बाद बच्चों को वापस भेज दिया गया था। NCR के बंद हुए स्कूल सोमवार को फिर कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए खोले गए हैं, मगर संक्रमण का रफ्तार अभी थमती नहीं दिख रही है।
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क्या बोले थे मनीष सिसोदिया?
इससे पहले मनीष सिसोदिया ने कहा था कि, स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। जहां भी कोरोना के मामले मिल रहे हैं, वहां संबंधित क्षेत्र को बंद कर दिया जाएगा।
बता दें कि गौतमबुद्ध नगर में, बीते 24 घंटों में 19 स्कूली छात्र समेत कुल 65 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई गई है। हालांकि, 13 लोगों ने कोरोना को मात भी दी है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते दिन 517 नए कोरोना के मामले आए हैं।
इस वजह से स्कूल बंद करने की संभावना ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4.21 प्रतिशत हो गई है। ऐसे में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को एक बार फिर स्कूल बंद होने की चिंता सताने लगी है। यही वजह है कि सरकार भी जल्द इसको लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।
प्राइवेट स्कूलों के हेड भी बच्चों में बढ़ते संक्रमण के मामलों के चलते चिंतित हैं। बता दें कि दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूलों के लिए नई कोरोना गाइडलाइंस जारी की हैं। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी संक्रमण का मामला प्रकाश में आने पर उस संबंधित विंग को बंद कर छात्र को आइसोलेट करना चाहिए और पूरे स्कूल को बंद करने की जरूरत नहीं है।
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