राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेटरी स्कूल की शुरुआत हो गई। इस मौके पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि, एक साल के अंदर हमारा सपना साकार हुआ। अब देश सेवा का जज्बा स्कूलों से ही जगेगा।
दिल्ली में शहीद ए आजम भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेटरी स्कूल की शुरुआत हुई। इस दौरान पहला बैच जुड़ गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, इस स्कूल का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गाय है। जो ऐसे ही नहीं रखा क्योंकि 23 वर्ष की उम्र में इस युवा ने देश के लिए अपनी जान दे दी। इस उम्र में लड़के अपनी गर्लफ्रेंड ढूंढ रहे होते हैं, लेकिन भगत सिंह ने अपनी जान देश के लिए कुर्बान कर दी। केजरीवाल ने पहली बैच को कहा कि, एक बार हमेशा याद रखना कि आपको इस स्कूल में जो शानदार सुविधाएं मिल रही हैं उसमें देश के गरीब से गरीब लोगों का योगदान है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, एक साल पहले ये सपना देखा था। जो अब पूरा होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कई बच्चे सेना में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन कोई फॉर्मल तरीका नहीं था, जिससे वो इसकी तैयारी कर सकें। हमने ये बीड़ा उठाया और सोचा नहीं था कि, एक साल में ही इस सपने को साकार होता देख सकेंगे।
सीएम केजरीवाल ने पहली बैच को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कॉम्पटीशन काफी कड़ा था 18000 बच्चों ने इस एंट्रेन्स में हिस्सा लिया था। जिनमें से चंद बच्चों को मौका मिला है। कई बार इस बात का घमंड आ जाता है कि मैं तो क्वालिफाई करके आया हूं। लेकिन ऐसा कभी होने मत देना।
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सीएम केजरीवाल ने बताया कि जब मैं आईआईटी में पढ़ता था तो सिर्फ 30 रुपए फीस होती थी। कई बच्चे पढ़कर बाहर चले गए विदेश चले गए। साथी कहते थे, भारत में क्या रखा है। ऐसे सभी बाहर चले गए तो भारत की प्रगति कौन करेगा? ये हम सबको ही ठीक करना है। जैसा भी भारत देश हमारा है।
हमारा सपना था कि देश में ऐसा एजुकेशन सिस्टम हो जहां अमीर-गरीब बच्चे एक साथ पढ़ सकें। ऐसा यहां संभव हो रहा है। यहां 89 फीसदी बच्चे सरकारी स्कूलों से आए हैं।
वहीं डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि, दिल्ली के बच्चों को कट्टर देशभक्त तो बनाएंगे ही, इसके साथ ही देश की सेना की कमांड जिन अधिकारियों के हाथ में होती है। तो इन्हीं बच्चों में ऐसे अधिकारी निकलने चाहिए। दिल्ली की एजुकेशन टीम ने सीएम केजरीवाल के सपने को साकार किया।
एक साल में ये तैयारी हुई और पहला बैच शुरू कर रहे हैं। आम तौर पर सपनों को अमल में लाने में सरकारी सिस्टम में समय लगता है, लेकिन जिस तरह केजरीवाल के नेतृत्व में टीम काम कर रही है, उससे ही पता चलता है कि, आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में ना सिर्फ दिल्ली बल्कि देश का बड़ा नाम होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई लोग मौजूद थे।
देश आपको बहुत कुछ दे रहा है, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सुविधाओं तक, बस एक संकल्प लें कि देश में मुझे बहुत कुछ दिया अब मेरी बारी है। इस संकल्प को रोजाना उठकर दोहराएंगे तो हमारा सपना जरूर साकार होगा।
- विशेष आर्मी स्कूल में 9वीं और 10वीं क्लास में बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा
- आगे की पढ़ाई के साथ ही आर्मी में जाने के लिए भी तैयार किया जाएगा
- सिलेबस में अन्य विषयों के साथ आर्मी से जुड़ी बातों को भी विशेष तौर पर बताया जाएगा।
-नियमित रूप से फिजिकल ट्रेनिंग भी कोर्स में शामिल रहेगी
- बच्चों से इस दौरान फीस नहीं ली जाएगी और उनकी पूरी शिक्षा फ्री में रहेगी
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- स्कूल में एडमिशन के लिए दो फेज को पार करना होगा
- पहले फेज में टेस्ट होगा, इस टेस्ट के जरिए बच्चे के एकेडमिक्स को परखा जाएगा
- इसमें व्यावहारिक और स्कूल ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे
- जो बच्चे इस टेस्ट में पास होंगे, उन्हें सैकंड फेज में इंटरव्यू से गुजरना होगा
- इंटरव्यू के दौरान यह परख जाएगा कि बच्चा आर्मी में जाने के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर सक्षम है या नहीं।