
Shiv Sena UBT MP Anil Desai Meets Om Birla: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी घमासान के बीच शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है। स्पीकर से मुलाकात के बाद अनिल देसाई ने कहा कि पिछली बार हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र दिया था। उसमें कहा गया था कि अगर कोई गुट या समूह सदन में किसी तरह की व्यवस्था के लिए उनसे संपर्क करता है- और मर्जर (विलय) का कारण नहीं बताता है- तो संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने अनुरोध किया था कि अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो वे हमें सूचित करें और पहले हमारी बात सुनें। इसीलिए उन्होंने आज, 24 तारीख को हमें बुलाया।
UBT सांसद अनिल देसाई ने कहा कि हमने उनसे मुलाकात की और संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए अपना पक्ष फिर से रखा। हमने इस बात पर जोर दिया कि जब तक मूल पार्टी किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में विलय नहीं करती और उस लेजिस्लेचर पार्टी के दो-तिहाई सदस्य सहमत नहीं होते, तब तक विलय मान्य नहीं हो सकता।
यूबीटी के सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि आप जानते हैं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के हमारे छह सांसदों ने पार्टी छोड़ दी और दूसरी पार्टी में शामिल हो गए। अनिल देसाई और मैंने पिछले सप्ताह लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और इस मामले में एक अनुरोध प्रस्तुत किया। उस अनुरोध में हमने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या सांसद व्यक्तिगत रूप से या समूह में आपके पास आकर कहता है कि वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो आपको संविधान की रक्षा करनी चाहिए। यही हमारी अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि यूबीटी गुट ने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि बागी सांसदों के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष सुना जाए।
आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में छह शिवसेना (यूबीटी) सांसद सोमवार औपचारिक रूप से शामिल हो गए। पाला बदलने वाले संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर सांसद हैं।