Chandranath Rath Murder Case: शुभेन्दु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। BJP की बड़ी चुनावी जीत के तुरंत बाद हुई इस सनसनीखेज वारदात की जांच अब CBI कर रही है। मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार नए खुलासे कर रही है।
Chandranath Rath Murder Case Update: शुभेन्दु अधिकारी पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब जांच और भी तेज हो गई है। अब इस मामले में CBI को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने हत्या से जुड़े चौथे संदिग्ध राज कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तराखंड भागने की तैयारी में था।
सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी CBI की मदद की। इससे पहले बलिया जिले से भी एक अन्य युवक को हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी।
बता दें 6 मई की रात नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो में सफर कर रहे थे, तभी वहां बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दिल में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अब CBI इस हत्या के पीछे की साजिश और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की जांच अब पूरी तरह CBI के हाथ में है। शुरुआत में भले ही मामले की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में केस CBI को सौंप दिया गया। जांच के दौरान एजेंसी ने हत्या और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
अब तक CBI इस केस में मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य, राज सिंह और हाल ही में गिरफ्तार किए गए राज कुमार सिंह समेत चार आरोपियों को पकड़ चुकी है। जांच एजेंसी का दावा है कि राज कुमार सिंह ने हत्या की पूरी साजिश में अहम भूमिका निभाई और वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहा था। अधिकारियों को शक है कि हमले में चार से ज्यादा लोग शामिल थे।
जांच में ये भी सामने आया है कि राज कुमार सिंह और राज सिंह दोनों उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं, दोनों के घर की दूरी केवल 35 किलोमीटर है। राज सिंह कोतवाल इलाके का रहने वाला है, जबकि राज कुमार रसड़ा के रतोपुर गांव का रहने वाला है।
CBI के मुताबिक, यह कोई सामान्य हत्या नहीं बल्कि बेहद प्लानिंग के साथ किया गया हमला था। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे।
राज कुमार सिंह को CBI और मुजफ्फरनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली के पास NH-58 हाईवे पर छपर टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि वह वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। अब CBI उसे कोलकाता की स्पेशल कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।