
Smriti Irani Name Not In Voter List: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी चर्चा में आ गई हैं। इस बार अपने बयान के कारण नहीं बल्कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण। दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री का नाम उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मेदान मवई गांव की पंचायत मतदाता सूची से गायब हो गया है। जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्मृति ईरानी यूपी की वोटर कब बनी थीं या उससे पहले वो कहां की वोटर थीं।
आपको बता दें कि स्मृति ईरानी अमेठी से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। इसी साल अप्रैल महीने में उनका नाम यूपी राज्य के वोटर लिस्ट में शामिल हो गया था। स्मृति अमेठी की गौरीगंज तहसील के मेदन मवई गांव की वोटर बन गई थीं। मेदन मवई गांव के बूथ संख्या 347 की वोटर वो बनीं थीं '
आपको बता दें कि वोटर बनने से पहले स्मृति ईरानी ने मेदन मवई गांव में अपना एक घर भी बनवाया था। जिसके बाद उनके घर का गृह प्रवेश भी चर्चा का विषय बन गया था। आपको बता दें कि साल 2019 में अमेठी से सांसद बनने के बाद स्मृति ईरानी ने जनता से भी यह वादा किया था कि जल्द ही वो जिले में अपना घर बनवाएंगी। जिसके बाद साल 2021 में घर के लिए 11 बिस्वा जमीन खरीदी थी।
आपको बता दें कि यूपी के अमेठी जिले की वोटर बनने से पहले उनका वोट महाराष्ट्र राज्य में था। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी से मुंबई की वोटर थीं। मुंबई नार्थ-वेस्ट सीट पर वो वोट डालती थीं। मुंबई में वोटिंग के दौरान कई बार मीडिया में भी उनका वीडियो सामने आता रहता था।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले साल SIR(Special Intensive Revision) हुआ था। इस प्रोसेस के बाद भी स्मृति ईरानी का नाम लिस्ट में मौजूद था। दरअसल इस प्रोसेस में कई लोग, जिनके नाम दो जगह थे या किसी की मृत्यु हो गई, ऐसे नामों को काट दिया गया था। SIR 2026 के बाद स्मृति ईरानी का नाम अमेठी के मेदन मवई गांव में रजिस्टर था।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले साल SIR(Special Intensive Revision) हुआ था। इस प्रोसेस के बाद भी स्मृति ईरानी का नाम लिस्ट में मौजूद था। दरअसल इस प्रोसेस में कई लोग, जिनके नाम दो जगह थे या किसी की मृत्यु हो गई, ऐसे नामों को काट दिया गया था। SIR 2026 के बाद स्मृति ईरानी का नाम अमेठी के मेदन मवई गांव में रजिस्टर था।
बीजेपी ने स्मृति ईरानी को अमेठी से चुनावी मैदान में उतारा था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनाव में हरा दिया था। जिसके बाद स्मृति ईरानी बीजेपी की जाइंट किलर बन गई थीं। लेकिन अगले ही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के स्थानिय नेता और गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हर गई थीं।