
मशहूर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से इतर बयान दिया है। उन्होंने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अमेंडमेंट) बिल' का खुलकर समर्थन कर दिया है।
बता दें कि एक दिन पहले सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने एंटी पेपर लीक बिल में संशोधन को लेकर साफ कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आगे भी पेपर लीक होते रहेंगे। पेपर लीक जैसे मामले सामने आए नहीं आएं, इसके लिए सरकार की नियत साफ होनी चाहिए।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार को संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अमेंडमेंट) बिल' पेश किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार होंगे।
साथ ही, उन्होंने सरकार से उस लिखित वादे को निभाने की अपील की, जिसमें कहा गया था कि हालिया विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए, लेकिन कुछ जगहों पर पुलिस कार्रवाई की खबरें भी आईं। इसी बीच सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक भूख हड़ताल की। आखिरकार लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन तोड़ा।
सरकार ने वादा किया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई केस नहीं दर्ज होगा, पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों पर संसद में चर्चा होगी। वांगचुक अब उसी वादे की याद दिला रहे हैं।
इस बीच, लोकसभा से पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026 पास हो गया है। अब राज्यसभा में इसको पारित करने के लिए भेजा गया है। इस पर बहस करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- पेपर लीक की वजह से कितने बेगुनाह लोगों को नुकसान पहुंचा, कितने लोगों की पिटाई हुई, कितने माता-पिता परेशान हुए, कितनी महिलाएं और बच्चे परेशान हुए।
खरगे ने कहा- चर्चा के लिए लाए गए 'पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026' में आपने सिर्फ़ आँकड़े बदले हैं। इस बिल में बस आंकड़े ही बदलते रहे। इससे कुछ नहीं होने वाला। आपने ज्यादा जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फ़ोर्स, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फर्क इस बात से पड़ेगा कि आप यह परीक्षा कैसे आयोजित करते हैं और बिना पेपर लीक के कैसे तैयारी करते हैं, यह उस पर निर्भर करता है।।