
Sourav Ganguly on TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली का नाम भी एक राजनीतिक विवाद में सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि गांगुली ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी का संदेश लेकर बहारामपुर से सांसद यूसुफ पठान से मुलाकात की थी और उनसे लोकसभा सीट छोड़ने का अनुरोध किया था। अब इस पूरे मामले पर सौरव गांगुली ने खुद सामने आकर सफाई दी है।
गांगुली ने इन दावों को पूरी तरह गलत और तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि उन्हें कभी भी ममता बनर्जी की ओर से ऐसा कोई संदेश देने के लिए नहीं कहा गया था।
एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की संसद में वापसी को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ममता बनर्जी बहारामपुर लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं और इसी सिलसिले में सौरव गांगुली को यूसुफ पठान तक संदेश पहुंचाने के लिए कहा गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ पठान ने कथित तौर पर अपनी सीट छोड़ने से इनकार कर दिया था।
6 जून को जारी अपने हस्ताक्षरित बयान में सौरव गांगुली ने कहा कि रिपोर्ट में उनके बारे में जो बातें लिखी गई हैं, उनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने मुझसे कभी भी यूसुफ पठान तक कोई संदेश पहुंचाने को नहीं कहा। न मुझे उनसे सीट छोड़ने के लिए कहने को कहा गया और न ही मैंने इस तरह का कोई प्रयास किया।"
गांगुली ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी यूसुफ पठान से इस विषय पर संपर्क नहीं किया। इसलिए यह दावा भी गलत है कि पठान ने उन्हें किसी तरह का जवाब दिया था।
पूर्व भारतीय कप्तान ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है।
गांगुली ने कहा, "मैं कभी भी किसी राजनीतिक मामले में शामिल नहीं रहा हूं।" उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए अफवाहों और अटकलों को खबर के रूप में प्रकाशित न किया जाए।
इस पूरे विवाद पर अभी तक यूसुफ पठान या तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यूसुफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बहारामपुर सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को करीब 85 हजार वोटों से हराया था। क्रिकेट करियर के दौरान वह और सौरव गांगुली आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए एक साथ खेल चुके हैं।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकटों में से एक का सामना कर रही है।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की थी और ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक सीट से चुनाव हार गई थीं। चुनाव के बाद पार्टी में बगावत भी तेज हो गई है।
पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा अध्यक्ष ने बागी नेता रितब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता भी दे दी है जिसे TMC ने अवैध बताते हुए अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
शुक्रवार को ममता बनर्जी ने कोलकाता स्थित अपने कालीघाट आवास पर पार्टी नेताओं और विधायकों की बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बैठक में केवल 8 विधायक ही पहुंचे। कई सांसदों और विधायकों की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर जारी असंतोष को और उजागर कर दिया।
इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सौरव गांगुली का नाम सामने आने से चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि अब पूर्व क्रिकेट कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है और उनके नाम पर लगाए जा रहे दावे पूरी तरह गलत हैं।