
Jaishankar statement US Iran war: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर बुलागरिया के दौरे पर हैं। उन्होंने बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेत्रोवा चमोवा से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी मानते हैं कि दुनिया एक बहुत ही अस्थिर और अनिश्चित दौर से गुज़र रही है। इसमें कई बड़े संघर्ष, आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं और आतंकवाद का लगातार खतरा शामिल है। भारत का रुख साफ है।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि यह दौर युद्ध का नहीं है। इसका एकमात्र समाधान बातचीत और कूटनीति है। जहां तक आर्थिक जोखिमों की बात है, तो इसका जवाब मजबूत सप्लाई चेन और ज्यादा विविधता लाना है। यह खास तौर पर जरूरी है कि समुद्री व्यापार में कोई रुकावट न आए और न ही उसे कोई खतरा हो। आतंकवाद के मामले में दुनिया भर के देशों में जीरो टॉलरेंस की नीति स्पष्ट होनी चाहिए।
भारत और बुलगारिया ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत और बुल्गारिया के बीच सहयोग को 'डि-रिस्क और डायवर्सिफाई' करना जरूरी है। उन्होंने इस दौरान यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और बुल्गारिया अपनी दीर्घकालिक मित्रता को एक आधुनिक और भविष्य उन्मुख साझेदारी में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जयशंकर बुल्गारिया दौरे के बाद विदेश मंत्री अब फिनलैंड जाएंगे, जहां वे 'कुलतारंता वार्ता' में हिस्सा लेंगे और फिनलैंड नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
इधर, मिडिल ईस्ट में संकट एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़प शुरू हो गई है। अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास और अन्य इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल से हमला किया है। वहीं, ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉप्स ने दुनिया को बड़ी चेतावनी दी है। IRGC ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब बंद है। वहां से किसी भी जहाज को गुजरने की इजाजत नहीं है।