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रिश्तों की लड़ाई में नौकरी न बने हथियार – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court Statement: वैवाहिक विवादों के अदालतों में पहुंचने और उस वजह से किसी की नौकरी जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बयान दिया है। क्या है सुप्रीम कोर्ट का बयान? आइए जानते हैं।
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Jul 22, 2026
supreme Court
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

पति-पत्नी के बीच का विवाद जब अदालत तक पहुंचता है तो उसका असर सिर्फ रिश्तों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई बार दोनों के भविष्य पर भी पड़ता है। इसी चिंता को सामने रखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि वैवाहिक विवाद के दौरान पति के नियोक्ता को शिकायत भेजना ऐसा कदम है, जिससे उसकी नौकरी तक जा सकती है। इसका असर पत्नी के गुज़ारा-भत्ते (मेंटेनेंस) के दावे पर भी पड़ सकता है।

किस मामले पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिया बयान?

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह टिप्पणी पिछले सप्ताह एक महिला की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई के दौरान की। महिला ने अपने पति के मित्र की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे को असम से गाजियाबाद स्थानांतरित करने की मांग की थी। उसका कहना था कि वह पहले से ही गाजियाबाद में पति से जुड़े कई मामलों का सामना कर रही है, इसलिए सभी मामलों की सुनवाई एक ही स्थान पर होनी चाहिए।

इस मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कि अदालत के सामने ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिनमें पत्नियाँ अपने पति के नियोक्ताओं को शिकायत पत्र भेज रही हैं। उन्होंने कहा, "तलाक लेना अलग बात है, लेकिन किसी व्यक्ति की रोजी-रोटी छीन लेना उससे भी ज़्यादा गंभीर है। उन्होंने कहा कि पति की नौकरी जाने से सबसे बड़ा नुकसान अंतत: उसी परिवार को होता है और भविष्य में पत्नी के मेंटेनेंस के दावे पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है।"

मानहानि का मुकदमा

मामले की शुरुआत में महिला ने दिल्ली में अधिकारियों को शिकायत देकर आरोप लगाया कि वायुसेना में कार्यरत उसका पति सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए निजी कारोबार चला रहा है। इसी शिकायत के आधार पर पति के करीबी मित्र और सहकर्मी ने महिला के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। महिला ने अदालत को बताया कि यह शिकायत तब की गई थी, जब पति ने पत्नी और उसके भाई पर एयरफोर्स का हेलमेट चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। वहीं पति की ओर से कहा कि मानहानि का मुकदमा उसने नहीं, बल्कि उसके मित्र ने दायर किया है।

सहमति से समाधान की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के अंत में दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने के लिए मामले को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेज दिया। सुप्रीम कोर्ट ने महिला के वकील से भी कहा कि वह अपनी मुवक्किल को सभी विवाद समाप्त कर आरोप-प्रत्यारोप वापस लेने और सहमति से समाधान निकालने की सलाह दें।

Updated on:
22 Jul 2026 04:11 am
Published on:
22 Jul 2026 04:09 am