
TMC: ममता बनर्जी को एक दिन पहले अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के अन्य 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया। साथ ही स्पीकर के सामने प्रस्ताव रखकर ऋतब्रत बनर्जी को सदन में विपक्ष का नेता भी घोषित करवा लिया। विधायकों में टूट के बाद अब इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा है कि पार्टी के सांसदों में भी बगावत हो सकती है। कुछ दिन पहले ही पार्टी सांसद काकोली घोष ने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया था। अब इस बात की चर्चा है कि कई सांसद भी पार्टी छोड़ सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता रिजु दत्ता ने इस संबंध में बयान दिया है। उनका कहना है कि कई सांसद भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं।
मीडिया से बात करते हुए रिजु दत्ता ने कहा कि टीएमसी में अब कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि धुरंधर पार्ट-1 बंगाल विधानसभा है, और धुरंधर पार्ट-2 संसद होगी। उनके कहने का मतलब था कि सांसदों में भी टूट हो सकती है। अपने बयान में उन्होंने आगे जोड़ा कि इस हालात में, कोई भी TMC में नहीं रहना चाहता। मेरे पास इतनी खबर है कि 20 सांसदों ने BJP के ऑफिस में आवेदन जमा किया है, लेकिन BJP उन्हें स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 9 सांसदों की एक लिस्ट बनाई गई है।
विधायकों के टूट पर रिजु दत्ता ने कहा कि विधायी दल में जो भी गुट अलग हुआ है, वह अब भी TMC ही है। उन्होंने कोई नई पार्टी नहीं बनाई है। टीएमसी के पास 42 सांसद और 80 विधायक हैं। जब दीदी (ममता बनर्जी) खुद धरने पर बैठी थीं, तो उनके साथ मात्रा 4 सांसद और 7 विधायक थे। अंत में उन्होंने कहा कि कोई भी उस पार्टी से जुड़ना नहीं चाहता है।
तृणमूल कांग्रेस से बागी होने के बाद मीडिया से बात करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके पास पार्टी के अधिकतम विधायक हैं। इसलिए असली टीएमसी वो ही है। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता होने का दावा भी किया था। जिसे स्पीकर ने मंजूर भी कर लिया।ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि वो अभी भी 'दीदी' को अपना नेता मानते हैं और उनसे आग्रह करते हैं वो हमारा मार्गदर्शन करे। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि हमें ममता बनर्जी नहीं बल्कि अभिषेक बनर्जी से दिक्कत है। क्योंकि अभिषेक बनर्जी का जनता से कोई सरोकार नहीं है। इसलिए हम उन्हें अपना नेता नहीं मान सकते। आपको बता दें कि इस चुनाव में टीएमसी के 80 विधायकों ने चुनाव जीता है।