वीडी सतीशन भले ही मुख्यमंत्री बन गए हों, लेकिन उनकी कैबिनेट में विरोधियों को भी शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
कांग्रेस हाईकमान ने भले ही मुख्यमंत्री पद को लेकर गुत्थी सुलझा ली। रेस में वीडी सतीशन बाजी मार गए, लेकिन CM सतीशन के कैबिनेट में गुटबाजी और समीकरणों ने सबको हैरान कर दिया। केरलम की नई सरकार जो आज शपथ लेने वाली है, उसमें रमेश चेन्निथला और केसी वेनुगोपाल गुट के लोगों को अहम जिम्मेदारी दी गई है।
केरलम की नई सरकार में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन खुद वित्त विभाग का जिम्मा संभालेंगे। बतौर वित्त मंत्री के रूप में राज्य को कर्ज के जाल से बाहर निकालने की चुनौती सतीशन के सामने है। दूसरी तरफ, गृह और विजिलेंस जैसे अहम विभागों को उन्हें अपने प्रतिद्वंदी रमेश चेन्निथला को सौंपना पड़ा है। सतीशन की कैबिनेट में केसी वेणुगोपाल का गुट सबसे ज्यादा प्रभावी नजर आ रहा है। ज्यादातर महत्वपूर्ण विभाग उनके समर्थकों को मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने चार नए विधायकों को मंत्री बनाया है। कई सीनियर नेताओं को इस बार जगह नहीं मिली है। पार्टी में कहा जा रहा है कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाना जरूरी था, इसलिए कई योग्य लोग बाहर रह गए। सतीशन ने खुद माना कि 63 कांग्रेस विधायकों में से कई योग्य लोग कैबिनेट में नहीं आ पाए।
केरलम सरकार की कैबिनेट में CM सहित 21 सदस्य होंगे। इनमें 14 पहली बार मंत्री बन रहे हैं। अनुसूचित जाति से एपी अनिल कुमार और अनुसूचित जनजाति से केए तुलसी को जगह मिली है। IUML की पांच मंत्री पद की मांग को कांग्रेस ने मंजूर कर ली है।
IUML के प्रदेश अध्यक्ष सय्यद सादिक अली शिहाब थंगाल ने कहा कि वे पुराने UDF सरकार (2011-16) वाले विभाग ही रखेंगे। IUML के मंत्री केएम शाजी विवादों में रहे हैं, लेकिन उन्हें जगह मिल गई है। बाकी सहयोगी दलों - केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जेकब), RSP और CMP - को एक-एक मंत्री मिला। थिरुवनचूर राधाकृष्णन स्पीकर और शनिमोल उस्मान डिप्टी स्पीकर बनाए गए।
UDF ने हालिया चुनाव में भारी जीत दर्ज की। इससे सतीशन का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया। लेकिन अब उन्हें कैश-क्रंच वाली सरकार चलानी है। अंदरूनी गुटबाजी को सुलझाते हुए विकास के वादे पूरे करने होंगे।सतीशन ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद विभागों की आधिकारिक घोषणा होगी। उन्होंने गवर्नर को मंत्री सूची सौंप दी है।कुल मिलाकर यह कैबिनेट नए और पुराने चेहरों का मिश्रण है, लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सत्ता बंटवारे में गुटबाजी कितनी बड़ी भूमिका निभाती है। अब देखना होगा कि यह टीम केरल की समस्याओं - बेरोजगारी, कर्ज और विकास - से कैसे निपटती है।
कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज केरलम की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मुख्यमंत्री-पद के लिए नामित वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली केरलम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए अपने आवास से रवाना हुए।