
West Bengal Politics: देश के महान नेता और जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पोती दीपनिता मुखर्जी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि पिछले 70-80 सालों से बंगाल में उनके दादाजी (डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी) के नाम और यादों को पूरी तरह से मिटाने की कोशिश की जा रही थी। दीपनिता मुखर्जी ने इतिहास को दोबारा जिंदा करने के लिए बीजेपी सरकार की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आज डॉ. मुखर्जी की विरासत को जो सम्मान मिल रहा है, उससे उनका परिवार बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दीपानिता मुखर्जी ने कहा कि हम यह बताना चाहते हैं कि इस दिन को महसूस करके हम कितने खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। पिछले 70 से 80 सालों से, खासकर यहां पश्चिम बंगाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की यादों को पूरी तरह मिटाने की पूरी कोशिश की गई।
हम मौजूदा BJP सरकार को इस इतिहास को फिर से जिंदा करने और खासकर बंगाल और हिंदुत्व के बारे में डॉ. मुखर्जी के योगदान को लोगों की सोच में वापस लाने के लिए दिल से बधाई देते हैं। जब से बंगाल में BJP सरकार बनी है, हमें उम्मीद है कि महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं का सशक्तिकरण आगे बढ़ेगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवन-दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को ईमानदारी, कर्तव्य, त्याग और देशभक्ति के मूल्यों को सीखने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि इससे एक मजबूत देश बनाने में मदद मिलेगी। इसलिए, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में जितना ज़्यादा पढ़ा जाएगा, समाज और देश को उतना ही ज़्यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान देशभक्त, जाने-माने शिक्षाविद, सांसद और दूर की सोचने वाले राजनेता थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के इको पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण के लिए भूमि पूजन कर शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।
इससे पहले अमित शाह ने कोलकाता के भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास का दौरा किया और वहां डॉ. मुखर्जी तथा उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।