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Sydney Attack: यहूदियों पर गोलीबारी करने वालों का भारत कनेक्शन सामने आने पर तेलंगाना पुलिस ने दी प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

Australia Terror Attack: तेलंगाना पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि 1998 में भारत छोड़ने से पहले साजिद अकरम के खिलाफ यहां रहने के दौरान कोई नकारात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
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Dec 16, 2025
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रविवार को सिडनी में दो शूटरों ने गोलीबारी की। (Photo-IANS)

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रविवार को हनुक्का उत्सव के दौरान दो शूटरों ने यहूदियों पर गोलीबारी की। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं इस घटना को साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद ने अंजाम दिया। वहीं इस घटना पर तेलंगाना पुलिस का बयान भी सामने आया है। पुलिस ने कहा कि हनुक्का कार्यक्रम के दौरान अपने बेटे के साथ गोलीबारी करने के बाद मारा गया 50 वर्षीय साजिद अकरम, ऑस्ट्रेलिया प्रवास के बाद पिछले करीब तीन दशकों से हैदराबाद में अपने परिवार के साथ बहुत कम संपर्क में था।

वहीं पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी कट्टरपंथी सोच के पीछे भारत या तेलंगाना में किसी भी स्थानीय प्रभाव से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला है।

साजिद अकरम के बारे में पुलिस ने क्या कहा?

तेलंगाना पुलिस ने कहा कि साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था। बी.कॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नवंबर 1998 में, करीब 27 साल पहले, ऑस्ट्रेलिया चला गया था। बाद में उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला से शादी की और वहीं स्थायी रूप से बस गया।

पुलिस ने आगे कहा कि साजिद का 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम और बेटी का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और वे दोनों ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। पुलिस के मुताबिक, पिछले 27 वर्षों में साजिद का हैदराबाद में अपने परिवार से संपर्क काफी सीमित रहा।

6 बार आया था भारत

ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद साजिद 6 बार भारत आया था। साजिद की ये यात्राएं मुख्य रूप से पारिवारिक कारणों से थीं, जिनमें संपत्ति से जुड़े काम और बुजुर्ग माता-पिता से मुलाकात शामिल थी। पुलिस ने आगे बताया कि साजिद अपने पिता की मौत के समय भारत नहीं गया था।

वहीं भारत में मौजूद परिवार के सदस्यों का कहना है कि साजिद अकरम की कट्टरपंथी सोच या गतिविधियों की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार, साजिद अकरम और उसके बेटे के कट्टरपंथी बनने के पीछे जो कारण सामने आए हैं, उनका भारत या तेलंगाना में किसी भी स्थानीय प्रभाव से कोई संबंध नहीं दिखता।

तेलंगाना पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि 1998 में भारत छोड़ने से पहले साजिद अकरम के खिलाफ यहां रहने के दौरान कोई नकारात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।

वहीं अधिकारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे केंद्रीय एजेंसियों और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे। साथ ही, उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अटकलों से बचें।

Updated on:
16 Dec 2025 07:44 pm
Published on:
16 Dec 2025 07:44 pm
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