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हॉर्मुज में 3 भारतीयों की मौत पर भारत सख्त, दूसरी बार अमेरिकी राजदूत को MEA ने बुलाया, 45 मिनट तक चली बात

MEA summons US: तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अमेरिका को सख्त विरोध दर्ज कराया है। MEA ने US चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया।
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Jun 12, 2026
Hormuz Attack
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। (फोटो- ANI)

हॉर्मुज स्ट्रेट में विदेशी टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद 3 भारतीयों की जान चली गई है। इस भारत सरकार ने सख्त एक्शन लिया है।

ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स (अमेरिकी राजनयिक) को बुलाकर सख्ती से अपना गुस्सा जताया है।

यह दूसरी बार है जब विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अमेरिकी दूतावास को तलब किया है। अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स लगभग 45 मिनट बाद विदेश मंत्रालय से बाहर निकले।

तीन भारतीय की मौत के बाद परिवारों में मातम

'MT Settebello' नाम के टैंकर पर हुए हमले में 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। शुरू में तीन लोग लापता बताए गए, लेकिन अब पुष्टि हो गई है कि वे मारे गए हैं।

बाकी 21 को ओमान की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया। इन नाविकों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। कई परिवार अब अपने बेटों के शव का इंतजार कर रहे हैं। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस पर दुख जताया है।

विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी डिप्लोमैट क्यों बुलाया?

विदेश मंत्रालय में अमेरिका डेस्क के एडिशनल सेक्रेटरी नागराज नायडू ने जेसन मीक्स को बुलाया। मीक्स फिलहाल अमेरिका के एंबेसडर की गैरमौजूदगी में सबसे सीनियर अधिकारी हैं।

भारत ने साफ कहा कि कमर्शियल जहाजों पर ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत ने इलाके में तनाव कम करने और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की अपील भी की है।

लगातार हो रहे हमले, यह दूसरा मामला

कल ही एक और कमर्शियल जहाज एमटी जालवीर पर भी हमला हुआ जिसमें 20 भारतीय क्रू सवार थे। राहत की बात यह है कि उसमें किसी की जान नहीं गई और सबको सुरक्षित निकाला गया।

कुछ दिनों में यह तीसरा या चौथा ऐसा हमला बताया जा रहा है। अमेरिका इन हमलों को ईरान से जुड़े जहाजों पर ब्लॉकेड लागू करने का हिस्सा बता रहा है, लेकिन भारत का कहना है कि इससे निर्दोष नाविकों की जान जा रही है।

भारत के लिए बड़ी चिंता

भारत के हजारों नाविक दुनिया भर के जहाजों पर काम करते हैं। खासकर खाड़ी इलाके में। ऐसे में समुद्री सुरक्षा इस वक्त भारत के लिए बड़ी चिंता है। सरकार ने ओमान के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और अब डिप्लोमैटिक स्तर पर भी दबाव बना रही है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि बड़े क्षेत्रीय तनाव का नतीजा है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद का असर आम नाविकों और देशों पर पड़ रहा है।

Updated on:
12 Jun 2026 04:25 pm
Published on:
12 Jun 2026 03:02 pm